तीन साल की बेटी का बड़े स्कूल में पढ़ाई का टूटा सपना तो मां ने दी जान; लखनऊ में आर्थिक तंगी ने छीनीं खुशियां
लखनऊ के निगोहां में एक मां ने अपनी तीन साल की बेटी का अच्छे स्कूल में दाखिला न हो पाने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली। रेलवे कर्मचारी पति आनंद वर्मा के साथ आर्थिक तंगी को लेकर हुई बहस के बाद प्रिंसी वर्मा ने छत के कमरे में फांसी लगा ली।

राजधानी लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के भैरमपुर गांव में एक मां की अपनी मासूम बेटी को बड़े स्कूल में पढ़ाने की चाहत उसकी मौत की वजह बन गई। आर्थिक तंगी के कारण जब पति ने बेटी का दाखिला अच्छे स्कूल में कराने में असमर्थता जताई तो क्षुब्ध होकर 36 वर्षीय महिला ने शनिवार देर रात फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से मासूम पीहू के सिर से मां का साया उठ गया है और परिवार में मातम पसर गया है।
बेटी के भविष्य को लेकर फिक्रमंद थी मां
भैरमपुर निवासी आनंद कुमार वर्मा रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके परिवार में पत्नी प्रिंसी वर्मा (36) और तीन वर्षीय बेटी पीहू उर्फ तन्नू है। परिजनों के अनुसार, प्रिंसी पिछले काफी समय से अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित थी। वह चाहती थी कि उसकी बेटी गांव के साधारण स्कूल के बजाय शहर के किसी बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़े। दो-तीन दिन पहले भी उसने आनंद से इस विषय पर चर्चा की थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण आनंद उसे टालता रहा।
शनिवार रात बढ़ा विवाद और खौफनाक अंत
शनिवार की रात पूरा परिवार खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहा था। रात करीब 11 बजे प्रिंसी ने एक बार फिर बेटी के दाखिले का मुद्दा उठाया। उसने जिद की कि इसी सत्र में पीहू का नाम बड़े स्कूल में लिखवाया जाए। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच काफी बहस हुई। आनंद ने अपनी कम आमदनी और घर के खर्चों का हवाला दिया, जिससे प्रिंसी और अधिक नाराज हो गई। कहासुनी के बाद प्रिंसी गुस्से में आकर छत पर बने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
खिड़की से देखा तो उड़ गए होश
रविवार सुबह जब काफी देर तक प्रिंसी नीचे नहीं आई तो आनंद उसे जगाने ऊपर पहुंचा। दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होने पर आनंद ने खिड़की के पास जाकर अंदर झांका तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रिंसी का शव छत के हुक से साड़ी के सहारे फंदे पर लटक रहा था। शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
साले को दी थी विवाद की खबर
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शनिवार रात जब विवाद बढ़ा था, तब आनंद ने अपने साले सौरभ को फोन कर पूरी बात बताई थी। सौरभ ने आनंद को शांत कराया था और कहा था कि वह सुबह घर आकर प्रिंसी को समझा देगा। आनंद ने बताया कि पहले भी कई बार बहस होने पर प्रिंसी छत वाले कमरे में जाकर सो जाती थी, इसलिए उसे अंदाजा नहीं था कि वह इतना आत्मघाती कदम उठा लेगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच जारी है।




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