लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के साथ पीएम मोदी देंगे दो हाईवे की भी सौगात, इन जिलों में सफर आसान
यूपी के एक्सप्रेसवे की कड़ी में जल्द ही एक और नाम जुड़ने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इस एक्सप्रेसवे के शुभारंभ के साथ ही पीएम मोदी दो हाईवे का भी शिलान्यास करेंगे।

यूपी में बन कर तैयार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ाने की चाहत रखने वालों का इंतजार शीघ्र ही खत्म होने वाला है। इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी को लेकर पीएमओ कार्यालय से पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। लोकार्पण की तारीख भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) को शीघ्र ही मिलने वाली है। इस एक्सप्रेसवे के साथ ही प्रधानमंत्री प्रदेश में दो और हाईवे परियोजनाओं की भी सौगात देंगे। इन हाईवे के लिए शिलान्यास करेंगे।
एनएचएआई के अनुसार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के साथ जिन दो महती परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उसमें बाराबंकी-बहराइच और कानपुर-कबरई मार्ग शामिल है। इन दोनों ही परियोजनाओं के लिए केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिल चुकी है। निर्माण कार्य के लिए धनराशि को भी मंजूरी दी जा चुकी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे लगभग 4700 करोड़ से की लागत से तैयार किया जा चुुका है। लगभग 63 किमी लंबे इस एक्सप्रेस वे में 42 किमी का ग्रीन फील्ड शामिल है।
कानपुर-कबरई के बीच नया ग्रीन फील्ड हाईवे
कानपुर-कबरई के बीच नया हाईवे बनेगा। यह ग्रीन फील्ड हाईवे 112 किमी लंबा होगा। इसके निर्माण के लिए केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। इसकी निर्माण लागत लगभग तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक है। यह हाईवे कानपुर से फतेहपुर और हमीरपुर होकर गुजरेगा।
बाराबंकी-बहराइच हाईवे दो से चार लेन का होगा
102 किमी लंबा बाराबंकी-बहराइच हाइवे दो लेन का है, जिसे फोर लेन किया जाना है। निर्माण के लिए केंद्र से सात हजार करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है। बहराइच में 140 व बाराबंकी में 110 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
क्या है ग्रीन फील्ड हाईवे
जिस मार्ग से पहले कोई सड़क न निकली हो और आसपास कोई रिहाइश न हो, वहां से नए सिरे से जब हाईवे निकाला जाता है तो उसे ग्रीन फील्ड हाईवे कहते हैं। ऐसे हाईवे के दोनों तरफ काफी संख्या में पौधरोपण किया जाता है, जिससे कि हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों के कारण प्रदूषण की समस्या न आए। पर्यावरण संतुलन बना रहे।
एक्सप्रेसवे पर शोर रोकने को नई तकनीक
इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों और हार्न का शोर रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष एल्युमिनियम और स्टील फ्रेम लगाए गए हैं। लगभग 10 फीट ऊंचे ये साउंड बैरियर एल्युमिनियम और स्टील से बने एक बेहद मजबूत और विशेष फ्रेम के ढांचे में लगाए गए हैं। इस स्टील और एल्युमिनियम फ्रेम के बीच में एक खास किस्म का सिंथेटिक फाइबर भरा गया है। वाहनों का शोर या हॉर्न की ध्वनि तरंगें इनसे टकराएंगी तो यह फाइबर उस शोर को अपने अंदर सोख लेगा। इससे आवाज दूसरी तरफ घनी आबादी तक नहीं पहुंच पाएगी।




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