बक्से में युवती का सिर कटा शव, बैग में हाथ-पैर, बिहार से लखनऊ पहुंची ट्रेन में लाश से सनसनी
छपरा से लखनऊ पहुंची ट्रेन में एक युवती का सिर कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई। हत्यारों ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए युवती का सिर काटकर धड़ को एक टिन के बक्से में बंद कर दिया था, जबकि हाथ-पैर काटकर एक दूसरे बैग में कपड़ों के बीच छिपा दिए थे।

एक युवती की सिर काटकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने धड़ बोरे से ढंकने के बाद एक बक्से में ठूंस कर ट्रेन में छोड़ दिया। हाथ-पैर काट कर एक बैग में कपड़ों के बीच में रख दिया। ट्रेन रविवार की रात लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन पहुंची तब बक्सा और बैग में लाश देख सनसनी फैल गई। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। रास्ते के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह पता करने की कोशिश हो रही है कि बक्से को किस स्टेशन से ट्रेन में लादा गया था। युवती की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच है। उसने सलवार-सूट पहन रखा था।
ट्रेन नंबर 15114 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस रविवार रात गोमतीनगर स्टेशन पर पहुंची और सारे यात्री उतर गए। लगभग 15 मिनट बाद कुछ कर्मचारी ट्रेन की सफाई के लिए चढ़े तो स्लीपर कोच एस-1 में सीट के नीचे एक टिन का बक्सा और एक बैग लावारिस हालत में मिला। बक्से को देख कर लग रहा था कि उसे जबरन किसी तरह से सीट के नीचे ठूंसा गया है। बक्से के एक पोर पर खून की कुछ बूंदें देख कर सफाई कर्मचारियों ने इसकी सूचना स्टेशन प्रशासन को दी।
स्टेशन प्रशासन की टीम तुरंत बोगी तक पहुंची। मामला संदिग्ध देख जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दी। बक्से को खोलने पर उसमें युवती का सिर कटा शव बोरे से ढंका मिला। मेमो के जरिए जीआरपी थाना चारबाग जंक्शन को सूचना दी गई। फौरन वहां से जीआरपी और आरपीएफ की टीम फील्ड यूनिट के साथ पहुंच गई। जांच में युवती के शव पर धारदार हथियार के निशान मिले। पूरा बक्सा खून से सना था। सिर गायब था। बैग में कपड़े के साथ युवती के कटे हुए हाथ और पैर सहित अन्य कुछ सामान मिले। युवती की पहचान संबंधित कोई सामान नहीं मिला। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गला रेत कर हत्या की आंशका
जीआरपी ने आशंका जाहिर की है कि गला रेतने के बाद सिर को धड़ से अलग किया गया है। युवती के गले पर धारदार हथियार के गहरे जख्म मिले हैं। कंधे और हाथ पर भी निशान मिले हैं, जिससे लग रहा है कि हत्या से पहले युवती ने हत्यारे से संघर्ष किया होगा।
हत्यारों ने इंतजार किया
जीआरपी के अनुसार महिला का शव दो-तीन दिन पुराना लग रहा है। इससे लगता है कि हत्यारों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए काफी सोच-विचार के साथ इंतजार भी किया। उसके बाद शव को ट्रेन के जरिए ठिकाने लगाया।
तीन टीमें गठित, हर स्टेशन पर फुटेज खंगाले जा रहे
जीआरपी ने हत्या के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। इसमें आरपीएफ से भी सहयोग लिया जा रहा है। छपरा से खुलने के बाद लखनऊ तक यह ट्रेन जिस-जिस स्टेशन पर रुकी है, वहां के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
छपरा से गोमतीनगर के बीच 19 स्टेशनों पर रुकती है ट्रेन
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस छपरा से गोमतीनगर के बीच 19 स्टेशनों पर रुकती है। इनमें छपरा कचहरी और कप्तानगंज में पांच मिनट, गोरखपुर में 10 मिनट रुकती है। सबसे ज्यादा बिहार के थावे जंक्शन पर 30 मिनट के लिए रुकती है। माना जा रहा है कि इन्हीं स्टेशनों में से कहीं सिर विहीन शव वाले बक्से को बोगी में रखा गया होगा। शेष स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्टॉपेज मात्र दो-दो मिनट का है।




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