लखनऊ में दलाल ने नेपाली एंबुलेंस चालक को बंधक बनाकर पीटा, खुद को मंत्री का PRO बताकर की लूटपाट
लखनऊ में नेपाल से मरीज लेकर आए एक एंबुलेंस चालक को कार सवार ने कमीशन खोरी के चक्कर में ओवरटेक कर रोक दिया। फिर खुद को पीआरओ मनचाहे अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने का दबाव बनाया। विरोध पर बंधक बनाकर लाठियों से पीटा नकदी और मोबाइल लूट लिया।

UP News: यूपी के लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां नेपाल से मरीज लेकर आए एंबुलेंस चालक दिनेश राणा को कार सवार ने कमीशन खोरी के चक्कर में शनिवार तड़के इंदिरानगर इलाके में ओवरटेक कर रोका। असलहा तान कर खुद को पीआरओ बताकर धमकाया। फिर मनचाहे अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने का दबाव बनाया। विरोध पर बंधक बनाकर लाठियों से पीटा नकदी और मोबाइल लूट लिया। पीड़ित एंबुलेंस चालक ने गाजीपुर थाने में कार सवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसके साथ ही नेपाल सरकार के जरिए भारत में सुरक्षा की मांग की।
पीड़ित एंबुलेंस चालक दिनेश राणा ने गाजीपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि वह मूल रूप से नेपाल के बांके जिले का रहने वाला है। वह अक्सर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ लेकर आता है। शुक्रवार रात एक बच्चे को एंबुलेंस से लाया था। बच्चे के गले में दिक्कत थी। उसका इलाज मेदांता और अपोलो में हो सकता था। बच्चे के परिजन वहां का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में चालक बच्चे लेकर जा रहा था। इस बीच इस्माइलगंज में शनिवार तड़के करीब तीन बजे एक कार चालक ने ओवरटेक कर रोका। फिर कार चालक बाहर निकला और उसने चेकिंग का हवाला देकर एंबुलेंस से नीचे उतार लिया। खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए उसने अपना नाम लकी सिंह बताया।
कार सवार ने कहा कि मरीज कहां लेकर जा रहे हो? दबाव बनाकर अपने परिचित अस्पताल में भर्ती कराने को कहा। विरोध पर उसने असलहे के जोर पर बंधक बना लिया। फिर खुद को स्वास्थ्य मंत्री का पीआरओ बताते हुए लाठियों से पीटा। मोबाइल व नेपाली 10 हजार रुपये भी लूट लिए। नेपाली चालक के काफी मिन्नतों के बाद उसे छोड़ा। वहीं, इस घटना को लेकर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने बताया कि आरोपी के लकी सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश में दबिश दी जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की जांच की जा रही है।
नाश्ते के विवाद में दबंगों ने बारातियों को पीटकर बनाया बंधक
उधर, सीतापुर क सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बजेहरा में बारात के दौरान नाश्ता करने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने बारातियों के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बना लिया। किसी तरह शादी संपन्न होने के बाद दूल्हे के पिता ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
बालकपुरवा निवासी जयपाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने बेटे सुशील कुमार की बारात लेकर बजेहरा गांव गए थे। आरोप है कि जब उनके रिश्तेदार नाश्ता कर रहे थे, तभी गांव के ही महराज सिंह यादव, मनीष यादव, छत्रपाल यादव और शिशुपाल यादव अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और नाश्ते में व्यवधान डालने लगे। जब पीड़ित और उसके रिश्तेदारों ने विरोध किया, तो आरोपियो ने जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप यह भी है कि महराज सिंह और छत्रपाल ने अपनी बंदूक लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए रास्ता जाम कर बारातियों को बंधक बना लिया। पीड़ित ने किसी तरह शादी संपन्न कराई और थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी।




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