एलपीजी संकट के बीच यूपी में बिजली की डिमांड बढ़ी, सोलर पैनल लगवाना भी हो गया महंगा
गैस किल्लत के बीच प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक तेजी से उछाल आया है। पिछले पांच दिन में बिजली की मांग में करीब 3000 मेगावाट से अधिक की वृद्धि हुई है। सोलर पैनल लगवाना अब महंगा हो गया है। कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम का प्रयोग सोलर पैनल में किया जाता है, इनकी कीमतें बढ़ी हैं।

गैस किल्लत के बीच प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक तेजी से उछाल आया है। पिछले पांच दिन में बिजली की मांग में करीब 3000 मेगावाट से अधिक की वृद्धि हुई है। उपभोक्ता परिषद ने इस पर चिंता जताते हुए पावर कारपोरेशन से मार्केट में बिक रहे इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिकल व्हीकल का सर्वे कराकर नये सिरे से तैयारी करने की मांग की है।
परिषद के अध्ययन के अनुसार 10 मार्च को जब एकाएक गर्मी बढ़ गई थी, अधिकतम मांग 21,675 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो मौसम में बदलाव के कारण 21 मार्च को घटकर 18,031 मेगावाट रह गई। इसके बाद 24 मार्च को यह बढ़कर 19,432 मेगावाट हुई, जबकि 26 मार्च को अचानक उछलकर लगभग 21,450 मेगावाट तक पहुंच गई। परिषद ने कहा एसी चलने के बाद ये लोड और बढ़ेगा।
छत के सोलर पैनल से जेब को झटका
ईरान-इजराइल युद्ध का अब व्यापक असर दिखने लगा है। विदेशों से आयात होने वाले कच्चे माल की बढ़ी कीमतों के कारण सोलर पैनल लगवाना अब महंगा हो गया है। कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम का प्रयोग सोलर पैनल में किया जाता है, इनकी कीमतें बढ़ी हैं।
वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से सोलर पैनल लगवाना महंगा हो गया है। पिछले कुछ हफ्तों में कॉपर, स्टील, एल्युमिनियम, पॉलीसिलिकॉन के भावों में आई तेजी का सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। सोलर पैनल, लोहे के स्ट्रक्चर और वायरिंग की कीमतों में आए इस उछाल ने नये उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश सोलर एनर्जी डवलपमेंट एसोसिएशन के सदस्य पंकज कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा असर तीन किलोवाट के सोलर सिस्टम पर पड़ा है। इसके पैनल की कीमतों में सीधे तीन हजार रुपये का उछाल आया है। इसके अलावा पैनल को सहारा देने वाले लोहे और एल्युमीनियम स्ट्रक्चर जो पहले 68 रुपये प्रतिकिला था, अब बढ़कर 75 रुपये हो गया है। पैनल की कीमतों में भी 50 पैसे प्रतिवाट की बढ़ोतरी हुई ।
इसलिए बढ़े दाम
- अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कॉपर और स्टील की कीमतों में बढ़ोत्तरी
- लॉजिस्टिक खर्चों में वृद्धि और मांग के मुकाबले आपूर्ति में देरी
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बाद सोलर इंस्ट्रॉलेशन की मांग में वृद्धि
कॉपर भी रुला रहा
सोलर सिस्टम को जोड़ने वाले डीसी वायर की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। कॉपर (तांबा) महंगा होने की वजह से सोलर वायर 48 रुपये से बढ़कर अब 55 रुपये प्रति मीटर के स्तर पर पहुंच गया है। वायरिंग और माउंटिंग एसेसिरीज की लागत बढ़ने से छोटे इंस्टॉलेशनके बजट में 5 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।




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