वेलेंटाइन डे से पहले जेल पहुंच गए प्रेमी-प्रेमिका; जानिए आगरा का वो कांड?
वेलेंटाइन डे से ठीक पहले प्रेमी-प्रेमिका जेल पहुंच गए। आगरा के लोधई गांव में पत्नी गौरी ने प्रेमी सुंदर के साथ मिलकर पति लवकुश की हत्या कर दी। पहले इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव पंखे से लटकाया गया। रिश्तेदारों के शक पर मामला खुला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

आगरा जिले के गांव लोधई (एकता) में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। महज चार महीने पुराने प्रेम संबंध के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए शुक्रवार को आरोपी पत्नी गौरी और उसके प्रेमी सुंदर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। कोर्ट में आरोपी पत्नी के बयान भी दर्ज कराए गए हैं, जिन्हें पुलिस इस मामले में अहम साक्ष्य मान रही है। वेलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले दोनो को जेल की हवा खानी पड़ी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, राजस्थान के सैपऊ निवासी गौरी की शादी करीब चार साल पहले लवकुश तोमर से हुई थी। दंपति का तीन साल का एक बच्चा भी है। लवकुश निजी कंपनी में काम करता था और परिवार के साथ गांव लोधई में रहता था। 10 फरवरी की सुबह लवकुश का शव घर के अंदर पंखे से लटका हुआ मिला था। उस समय पत्नी गौरी ने घटना को आत्महत्या बताकर रोना-धोना शुरू कर दिया था। परिजनों ने भी बिना किसी संदेह के उसी दिन शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
हालांकि 11 फरवरी को शांति हवन के दौरान कुछ रिश्तेदारों को गौरी के व्यवहार पर शक हुआ। परिवार के लोगों ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। गौरी ने बताया कि उसके चचेरे देवर सुंदर के साथ पिछले चार महीनों से प्रेम संबंध थे और पति को इस रिश्ते पर शक था, जिससे दोनों के बीच विवाद होता रहता था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
घटना वाली रात करीब एक बजे गौरी ने फोन करके सुंदर को घर बुलाया। पहले से तय योजना के मुताबिक, सुंदर ने सोते समय तकिए से लवकुश का मुंह दबा दिया, जबकि गौरी ने पति के पैर पकड़ लिए ताकि वह विरोध न कर सके। हत्या के बाद दोनों ने मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया। वारदात के बाद सुंदर अपने घर चला गया।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, पूछताछ में आरोपी पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। मामले में परिजनों को गवाह बनाया जाएगा ताकि मुकदमे को मजबूत किया जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।




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