हर हर महादेव से गूंजी काशी; महाशिवरात्रि पर 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु उमड़े, लंबी-लंबी कतारें
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। बाबा का विशेष दूल्हा श्रृंगार किया गया और देश-विदेश के 62 मंदिरों से पावन भेंट अर्पित हुई। भारी भीड़ के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन व सीसीटीवी से निगरानी की गई।

धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में महाशिवरात्रि पर्व पर देश-विदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे हैं। रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन और स्वागत किया गया। रविवार की भोर में मंगला आरती के बाद से ही विश्वनाथ धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिर के बाहर सड़कों पर दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। शिवमय काशी में हर ओर 'हर हर महादेव' के उद्घोष गूंज रहे हैं।
10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे, 62 मंदिरों से उपहार
महाशिवरात्रि पर काशी में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। एक अनुमान के मुताबिक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सिर्फ 2 सेकेंड का समय मिल रहा है।काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दूल्हे जैसा श्रृंगार किया गया। मोरपंख और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। कपाट खुलते ही दर्शन शुरू हुए। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि बाबा विश्वनाथ को देश-विदेश के विभन्नि मंदिरों से पावन उपहार प्राप्त हुए हैं। विशेष बात यह है कि मलेशिया और श्रीलंका के मंदिरों सहित भारत के अलग-अलग कुल 62 मंदिरों से ये उपहार अब तक पहुंच चुके हैं।
मंदिर न्यास की अनोखी पहल
महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने एक अनोखी आध्यात्मिक पहल शुरू की है, जिसके तहत देश-विदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों, शक्तिपीठों और प्राचीन तीर्थस्थलों से पावन प्रसाद, पूजित वस्त्र, रज, पवित्र जल और श्रद्धा उपहार भगवान महादेव के श्रीचरणों में अर्पित किए जा रहे हैं। इस विशेष परंपरा का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक स्थलों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ना और श्रद्धालुओं को एक व्यापक धार्मिक अनुभव प्रदान करना है।
एटीएस की तैनाती, ड्रोन से निगरानी
इस पहल के अंतर्गत 62 मंदिरों से भेंट काशी विश्वनाथ धाम पहुंच चुकी हैं। इनमें तमिलनाडु के श्री रत्नगिरीश्वरर मंदिर, श्री अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर और तेन सबनायकर मंदिर शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान, जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, उत्तराखंड के श्री केदारनाथ धाम, गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर, मुंबई के लालबागचा राजा और श्री सिद्धिविनायक मंदिर, राजस्थान के नाथद्वारा मंदिर, श्रीलंका के श्री ऐश्वर्या लक्ष्मी मंदिर और मलेशिया के श्री महा मरिअम्मन मंदिर से भी पवित्र प्रसाद और भेंट भेजी गई हैं। इन भेंटों में पवित्र जल, चंदन, पूजित पुष्पमालाएं, वस्त्र और अन्य धार्मिक सामग्री शामिल हैं। मंदिर परिसर में ATS कमांडो तैनात हैं और ड्रोन से निगरानी हो रही है।
दशाश्वमेध घाट पर प्रथम प्रहर में गंगा स्न्नान
दशाश्वमेध घाट तथा आसपास के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने रात्रि के प्रथम प्रहर में गंगा स्नान किया। स्नान के उपरांत अनेक भक्त गीले वस्त्रों में ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए कतार में शामिल हो गए। जंगमबाड़ी मठ में ध्वजारोहण के साथ दो दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ।




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