कानपुर किडनी कांड: गले में आला और चेहरे पर मास्क...दक्षिण अफ्रीकी युवती का 8वीं पास ने किया इलाज
कानपुर में आठवीं पास होने के साथ ही एंबुलेंस चलाता था लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट जैसे बड़े ऑपरेशन के बाद वह गले में आला और मुंह में मास्क पहनकर मरीजों को भी चेक करता था। साउथ अफ्रीका की युवती अरेबिका को ऑपरेशन के बाद चेक करते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

UP News: यूपी के कानपुर के कल्याणपुर का शिवम आठवीं पास होने के साथ ही एंबुलेंस चलाता था लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट जैसे बड़े ऑपरेशन के बाद वह गले में आला और मुंह में मास्क पहनकर मरीजों को भी चेक करता था। साउथ अफ्रीका की युवती अरेबिका को ऑपरेशन के बाद चेक करते हुए रविवार को उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसी वीडियो के अंत में अभिजीत नाम के डोनर का पूछताछ करते हुए वीडियो है। जिससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि साउध अफ्रीका की युवती अरेबिका को कोलकाता के युवक की किडनी लगाई गई। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इसकी पुष्टि नहीं करता है।
साउथ अफ्रीका की युवती अरेबिका का ऑपरेशन आहूजा अस्पताल में 3 मार्च 2026 को हुआ था। पुलिस को ऑपरेशन के वीडियो एजेंट शिवम के मोबाइल से मिले हैं। सोशल मीडिया पर अरेबिका को लेकर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। पहला वीडियो 49 सेकंड का है जिसमें शिवम मुंह पर मास्क लगाए है और आला लगाकर अरेबिका को चेक कर रहा है। जबकि दूसरा वीडियो एक मिनट तीन सेकंड का है जिसमें एक व्यक्ति अरेबिका से हालचाल पूछ रहा है। वीडियो में उसकी आवाज आ रही है लेकिन वह नहीं है। वह बोलने का प्रयास करती है और बैक और एब्डोमेन में पेन बताती है। उसे चेक कर रहा व्यक्ति कहता है कि इंजेक्शन दे दिया जाएगा। बाकी ओवरऑल वह ठीक है तो अरेबिका हां में सिर हिलाती है।
वीडियो के अंत में तीन सेकंड का युवक से बातचीत है। युवक के मुंह पर मास्क है। वह अपना नाम अभिजीत मुखर्जी बताता है। पिता का नाम सुदीप मुखर्जी और कोलकाता का निवासी बताता है। पुलिस सूत्रों की माने तो अरेबिका को इसी युवक की किडनी लगाई गई है। पुलिस अभिजीत की तलाश कर रही है। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि सुदीप मुखर्जी कोलकाता का रहने वाला है और किडनी डोनर है। उसकी किडनी अरेबिका को लगी है इसकी जांच की जा रही है।
मेडीलाइफ क्यों सील हुआ...नहीं मिली रिपोर्ट
किडनी के काले कारोबार में मसवानपुर के मेडीलाइफ अस्पताल का नाम सामने आया है। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि यहां एक महिला की किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान हालत बिगड़ गई थी। जिसकी बाद में मौत भी होने की बात सामने आयी है। इस मामले में सीएमओ की ओर से कहा गया कि अस्पताल तीन माह पहले सीज कर दिया गया था लेकिन क्यों इसकी जानकारी अब तक पुलिस को नहीं मिली। पुलिस कयास लगा रही है कि अस्पताल पर सीज की कार्रवाई कहीं महिला की मौत की शिकायत पर तो नहीं की गई। ऐसे में उस समय किडनी कांड क्यों नहीं खुला?
एक चाइल्ड हॉस्पिटल का भी रजिस्ट्रेशन कराया था
किडनी कांड में गिरफ्तार हुआ प्रिया नर्सिंग होम का मलिक नरेंद्र सिंह उर्फ नंदू कल्याणपुर पनकी रोड के पास एक चाइल्ड हॉस्पिटल भी संचालित कर रहा था। रजिस्ट्रेशन भी नरेंद्र के नाम पर ही था। अस्पताल की बिल्डिंग करंट एग्रीमेंट और लाइसेंस भी नरेंद्र के नाम पर ही था। नरेंद्र ने इस अस्पताल में विष्णु सिंह भदौरिया को पार्टनर बन कर रखा था। नरेंद्र ने विष्णु के खाते में लाखों रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया है। पुलिस नंदू-विष्णु के कनेक्शन खंगाल रही है।




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