गर्लफ्रेंड से मिलकर फूट-फूटकर रोया किडनी बेचने वाला MBA छात्र; बोला- मां को कुछ मत बताना
एमबीए की फीस जमा करने के लिए किडनी बेचने वाले देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के एमबीए छात्र आयुष की दोस्त बुधवार को उससे मिलने पहुंची। पुलिस की सुरक्षा में उसने 10 मिनट की मुलाकात की। उसे देखकर आयुष की आंखों में आंसू आ गए। उसने अपनी गलती मानी।

कानपुर में किडनी गैंग के डॉक्टरों के चंगुल में फंसे MBA स्टूडेंट आयुष ने अपनी किडनी बेच दी। इसके बाद भी जब रुपए नहीं मिले, तो उसने मामले का पर्दाफाश कर दिया। किडनी निकलने के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह सही नहीं है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। एमबीए की फीस जमा करने के लिए किडनी बेचने वाले देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के एमबीए छात्र आयुष की दोस्त (गर्लफ्रेंड) बुधवार को उससे मिलने पहुंची। पुलिस की सुरक्षा में उसने 10 मिनट की मुलाकात की। उसे देखकर आयुष की आंखों में आंसू आ गए। उसने अपनी गलती मानी।
'एक बार बताया भी नही, मैं फीस जमा कर देती'
दोस्त ने कहा-किडनी देने का फैसला कर लिया और एक बार भी बताया नहीं। ऐसा क्यों किया..। बताना चाहिए था तो फीस मैं जमा कर देती। उसने आयुष की मां के बारे में भी बताया। कहा- वह बहुत परेशान हैं और तुम्हारी चिंता कर रही है। छोटा भाई भी काम पर नहीं जा रहा है। इस दौरान जब पुलिस ने आयुष से परिजनों को जानकारी देने की बात कही। इस पर आयुष पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगा। कहा- सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैं नौकरी करने की बात कहकर कानपुर आया था।
गर्लफ्रेंड से मिलकर रो पड़ा आयुष
हैलट के सुपर स्पेशियलिटी पीजीआई के छठवें फ्लोर पर बुधवार की दोपहर 12 बजे आयुष कुमार की दोस्त उससे मिलने पहुंची। यहां महिला पुलिस समेत पांच पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात हैं। महिला एसआई के साथ उसकी मुलाकात कराई गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोस्त को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू निकल पड़े। उसने हाथ जोड़ते हुए कहा, मुझसे बड़ी गलती हो गई है। गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर हाथ रखा और ढांढ्स बंधाते हुए रुमाल निकालकर उसके आंसू पोछे। उसने आयुष से पूछा कि आखिर क्या जरूरत थी कि किडनी बेचने की। एक बार मुझे तो बताना चाहिए था। इस पर आयुष ने कहा कि फीस के लिए रुपये नहीं जुटा पा रहा था। हर जतन करके देख लिया। पिछले दो माह से इसीलिए परेशान था। दोस्त ने इस पर नाराजगी जाहिर की।
आयुष के परिवार को पुलिस ने दी सूचना
आयुष ने उसका हाथ पकड़कर बेड से उठने का प्रयास किया, लेकिन दर्द की वजह से उठ नहीं सका। दोस्त ने भी उसे लेटे रहने का इशारा करते हुए कहा कि बताते तो फीस वह जमा कर देती। जिसके बाद उसके आंसू फिर निकल आए। डॉक्टरों ने इंफेक्शन की बात करते हुए अधिक देर मुलाकात करने को मना किया। जिसके बाद वह बाहर आ गई। डॉक्टरों से स्वास्थ्य के बारे में पूछा और चली गई। पुलिस के मुताबिक आयुष से मिलने आयी युवती उसके साथ ही पढ़ती है और बिहार की रहने वाली है। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि आयुष की मां और भाई को सूचना दे दी गई है।
कानपुर किडनी कांड में अबतक 6 आरोपी गिरफ्तार
आपको बता दें कानपुर के किडनी कांड और अवैध ट्रांसप्लांट मामले में डॉक्टर दंपति समेत छह आरोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस अब फरार चार डॉक्टरों की तलाश में जुट गई है। सभी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें मेरठ, देहरादून और नोएडा में दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में मेरठ के अल्फा अस्पताल के संचालक डॉ. अफजल के साथ डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ अमित शामिल हैं।




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