शुभेंदु अधिकारी के पीए को अमेरिकी पिस्टल से मारी गई थी गोली, बलिया से तीन असलहे बरामद
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रकांत रथ हत्याकांड का सीधा कनेक्शन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ गया है। यूपी एसटीएफ (STF) वाराणसी की टीम ने बलिया के फेफना थाना क्षेत्र से आरोपी नवीन सिंह को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रकांत रथ की हत्या का सीधा कनेक्शन यूपी से जुड़ चुका है। यूपी से ही लगातार गिरफ्तारी के बाद हत्या में इस्तेमाल कार भी यूपी की ही निकली। अब हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी यूपी से ही बरामद की गई है। रथ को अमेरिकी पिस्टल से गोलियां मारी गई थी। एसटीएफ ने यूपी के बलिया से तीन पिस्टलें बरामद की हैं। तस्कर भी एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था। मामले में गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के लिए सीबीआई टीम के पहुंचने की भी संभावना जताई जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की तहरीर पर फेफना थाने में आरोपी नवीन सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की सूचना पर एसटीएफ वाराणसी ने बुधवार को फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी नवीन सिंह को शहर के विशुनीपुर इलाके से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त हथियार उसने कपूरी गांव स्थित अपने गोदाम में छिपाकर रखा है। इसके बाद एसटीएफ टीम आरोपी को साथ लेकर गोदाम पहुंची, जहां झोले में रखे असलहे और कारतूस बरामद किए गए।
एसटीएफ के अनुसार बरामद हथियारों में अमेरिका निर्मित तीन पिस्टल, कानपुर मेड एक पिस्टल और एक देसी रिवॉल्वर शामिल हैं। इसके अलावा 45 जिंदा कारतूस और छह खोखा भी बरामद हुए हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बरामद पांच हथियारों में से किस हथियार का इस्तेमाल चंद्रकांत रथ की हत्या में किया गया था। इसकी पुष्टि सीबीआई जांच के बाद ही हो सकेगी।
हत्या के दूसरे दिन आ गये थे हथियार
हत्याकांड में बलिया के बदमाशों के शूटरों को कार और हथियार मुहैया कराए जाने की बात सामने आई है। सीबीआई ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार रत्तोपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ राज से पूछताछ के बाद कई बदमाशों को रडार पर लिया है। सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद शूटर वापस लौट आए थे और सबसे पहले हथियारों को छिपाया गया था।
गिरफ्तार नवीन सिंह ने एसटीएफ को बताया कि सात मई की सुबह ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मन्नू, राजकुमार सिंह और गोलू सिंह कार से उसके घर पहुंचे थे। इसके बाद मन्नू उसे शीतल दवनी ले गया और झोले में रखे असलहे अपने घर पर रखने को दिए। नवीन के अनुसार, राजकुमार की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर उसने हथियार घर से हटाकर गोदाम में छिपा दिए।
भाड़े पर हथियार देने का भी हो रहा कारोबार
पश्चिम बंगाल के सीएम के पीए की हत्या में भाड़े के शूटर नहीं बल्कि किराये के हथियार का भी इस्तेमाल हुआ था। सूत्रों की मानें तो जनपद में कई ऐसे गिरोह हैं, जो बदमाशों को भाड़े पर हथियार और कारतूस मुहैया कराते हैं। ऐसे में अपराधियों को लाखों रुपये खर्च कर असलहा खरीदना नहीं पड़ता है।
बुधवार को बलिया शहर से गिरफ्तार फेफना थाना क्षेत्र का थम्हनपुरा निवासी नवीन सिंह ठेकेदारी करता था। उसका मुख्य काम उद्यान विभाग के जरिये सब्सिडी पर किसानों को पाइप उपलब्ध कराना था। इसके चलते ही उसने कपूरी गांव में एनएच 31 के किनारे एक मकान को किराये पर लिया था।




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