Justice for young man who lost both his hands to electric shock after 27 years compensation of 26 lakh 64 thousand करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले युवक को 27 साल बाद न्याय, 26.65 लाख मुआवजा मिलेगा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले युवक को 27 साल बाद न्याय, 26.65 लाख मुआवजा मिलेगा

यूपी में एक युवक को 27 साल बाद न्याय मिला है। 7 साल की उम्र में करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले युवक को अब 26.65 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे लेकर उत्तर प्रदेश बिजली विभाग को निर्देश दिया है।

Fri, 17 April 2026 10:34 PMPawan Kumar Sharma प्रयागराज, भाषा
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करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले युवक को 27 साल बाद न्याय, 26.65 लाख मुआवजा मिलेगा

यूपी में एक युवक को 27 साल बाद न्याय मिला है। 7 साल की उम्र में करंट से दोनों हाथ गंवाने वाले युवक को अब 26.65 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि वह करंट लगने के कारण दोनों हाथ गंवाने वाले व्यक्ति को 26.65 लाख रुपये मुआवजा दे।

यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने पीड़ित पप्पू द्वारा दायर प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए 15 अप्रैल को पारित किया। जानकारी के अनुसा ये मामला र मार्च 1997 में आगरा के नागला पाड़ी का है । जब पीड़ित पप्पू सात वर्ष का था। पप्पू जब इलाके के एक प्राथमिक विद्यालय के पास खेल रहा था तो वह दुर्घटनावश 11 हजार वोल्ट के ट्रांसफॉर्मर के संपर्क में आया गया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके दोनों हाथ काटने पड़े।

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ट्रांसफार्मर की घेराबंदी नहीं की हुई थी। वहीं, पीड़ित बच्चे के पिता ने मुआवजे के लिए वाद दायर किया था, जिसे 2005 में अधीनस्थ अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि घटना बच्चे की लापरवाही के कारण हुई। इस निर्णय को चुनौती देते हुए पीड़ित ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसने अधीनस्थ अदालत के फैसले को पलट दिया।

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अदालत ने कहा, 'पीड़ित पप्पू अपनी इस स्थिति के लिए 26.65 लाख रुपये मुआवजा पाने का हकदार है, जो उसे इस मामले के दायर होने की तिथि 30 मई 1997 से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मिलेगा।' अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पीड़ित उत्तर प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड से मुकदमे और अपील का खर्च भी प्राप्त करने का हकदार है, जिसमें संबंधित अदालत शुल्क शामिल हैं। इसने उत्तर प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड को आदेश की तिथि से एक महीने के भीतर उक्त राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया और ऐसा न होने पर वादी को विभाग के खिलाफ वसूली की कार्यवाही शुरू करने की स्वतंत्रता होगी।

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