पीएम आवास निर्माण में गड़बड़ी मिली तो रुकेगा पैसा, जांच के बाद ही मिलेगी अगली किस्त
पीएम आवास निर्माण में गड़बड़ी मिली तो पैसा रोक दिया जाएगा। इसके लिए थर्ड पार्टी से जांच कराई जाएगी। उच्च स्तर पर सहमति बनने के बाद जिलों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया गया है।

PM Housing Scheme: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर पैसा रोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं ऐसे लोगों को डिफाल्टर की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। इसके लिए थर्ड पार्टी से जांच कराई जाएगी। उच्च स्तर पर सहमति बनने के बाद जिलों को इस संबंध में निर्देश भेज दिया गया है।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-दो शुरू की है। इसमें लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) में जिनके पास अपनी जमीन है उसे मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की सीधी देखरेख में इस योजना को चलाया जाता है। ये पैसा किस्तों के आधार पर पात्रों को दिया जाता है। शासन को शिकायत मिली है कि इस योजना में पैसा पाने वाले मकानों के निर्माण में लापरवाही बरत रहे हैं। पैसे लेने के बाद भी गुणवत्तायुक्त मकानों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। इसीलिए उच्च स्तर पर थर्ड पार्टी जांच कराने का फैसला किया गया है।
गुणवत्ता, मानकों के अनुरूप निर्माण की जांच की जाएगी
इसके मुताबिक जब तक शासन स्तर पर थर्ड पार्टी जांच के लिए एजेंसी का चयन नहीं हो जाता है, तब तक परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में जिले स्तर पर तकनीकी टीम का गठन किया जाएगा। टीम द्वारा पांच से 10 प्रतिशत या 50 मकानों का नमूना लेकर जांच को भेजा जाएगा। जांच में प्लिंथ, सुपर स्ट्रक्चर की स्थिति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, मानकों के अनुरूप निर्माण की जांच की जाएगी।
निरीक्षण, सत्यापन के लिए जियो टैग के लिए फोटोग्राफ लिए जाएंगे
सत्यापन की कार्यवाही का समुचित कागजात तैयार किया जाएगा। प्रत्येक निरीक्षण, सत्यापन के लिए जियो टैग के लिए फोटोग्राफ लिए जाएंगे। लाभार्थी का विवरण लिया जाएगा। किस्तों के भुगतान की स्थिति, सत्यापनकर्ता, तकनीकी अधिकारी और संस्थान प्रतिनिधि के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। एजेंसी चयन के बाद स्थानीय स्तर पर बनी टीम समाप्त हो जाएगी और एजेंसियों द्वारा जांच की जाएगी।




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