India is not a dharamshala; CM Yogi roared at the closing ceremony of Rambhadracharya Ram Katha भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं; रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन में गरजे सीएम योगी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं; रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन में गरजे सीएम योगी

रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन में सीएम योगी खूब गरजे। उन्होंने कहा कि  जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। 

Tue, 9 June 2026 05:31 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं; रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन में गरजे सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि जिनके मन में देश के प्रति आस्था व निष्ठा नहीं है और जो यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने लव जिहाद, धर्मांतरण की साजिशों और 'लैंड जिहाद' को लेकर चेतावनी दी। योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश को एकजुट करते हैं। इस श्री राम कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया।

उन्होंने कहा कि तोड़ने वाली ताकतें जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर विभाजित करने की चेष्टा करेंगी, लेकिन भारत की संत शक्ति समाज को एकजुट कर देश को आगे ले जाना चाहती हैं। व्यासपीठ द्वारा जिस मर्म को समझाने का प्रयास किया गया, हमें उसे आत्मसात करना होगा। कथा केवल सुनने की नहीं, बल्कि अंगीकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी का हिस्सा है।''

योगी ने श्रद्धालुओं से कहा कि जो भी प्रभु के सान्निध्य में आया, वह दैवीय आपदा से मुक्त रहता है। उन्होंने कामना की कि हर श्रद्धालु का जीवन सुख व समृद्ध के साथ बढ़ता रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन्म-मरण का प्रश्न बनाया था। संत इसका श्रेय नहीं चाहते थे, वे सिर्फ इसलिए अभियान से जुड़े क्योंकि भारतीय परंपरा, विरासत में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के आदर्श हैं और राम नाम में जीवन की हर समस्या का समाधान है।

जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया

उन्होंने कहा कि राजनीति व पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो हर भारतवासी, जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने भगवान राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया है। मर्यादा पुरुषोत्तम का नाम उत्तर से दक्षिण व पूरब से पश्चिम तक हर भारतीय को जोड़ने का सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 491 वर्ष तक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन चला और 2019 में उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं रामजन्मभूमि है।आदित्यनाथ ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह इस उम्र में आराम कर सकते थे, लेकिन राष्ट्रमंगल की कामना के साथ प्रभु की कथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।

दुर्योधन के मामा शकुनि ने महाभारत करा दिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण और उसके राक्षसों की आर्यव्रत में घुसपैठ थी। खर-दूषण के आतंक से दंडकारण्य त्रस्त था। ताड़का, मारीच व सुबाहु ने बस्तर के वनों, नगरों को उजाड़ दिया था। जब भी नकारात्मक ताकतें वर्चस्व में आएंगी तो तहस-नहस करेंगी। शिक्षण संस्थानों व शोध केंद्रों को वैसे ही बंजर करेंगी, जैसे खर-दूषण व ताड़का द्वारा किया जाता था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामायण में उल्लेखित राक्षस मारीच रिश्ते में रावण का मामा था। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मामा व चाचा अनुचित व्यवस्था में पड़ते हैं तो कुसंग की तरफ ले जाते हैं, सन्मार्ग की तरफ नहीं। दुर्योधन के मामा शकुनि ने महाभारत करा दिया। उन्होंने कहा कि रावण ने मां जानकी का अपहरण किया। भगवान राम ने यत्न कर उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ा। नारी गरिमा की रक्षा लव जिहाद को रोकने के लिए आदर्श उदाहरण हो सकता है।

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लैंड जिहाद से जुड़े लोगों से मुकाबले को भी तैयार रहना होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल उच्च न्यायालय ने 2009 व 2011 में धार्मिक जनसांख्यिकी में बदलाव की साजिश पर चिंता व्यक्त जताई थी, लेकिन उस समय भी ध्यान नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश में हमने 2020 में सख्त कानून बताया, फिर भी इस पर व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें लैंड जिहाद से जुड़े लोगों से मुकाबले को भी तैयार रहना होगा। खाली जमीन पर तंबू गाड़ने की प्रथा बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव हों या राम, हम जिसे भी मानते हैं, उनके आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाएं। उनके अनुरूप जीवन जीने और बनने का प्रयास करें और परिवार के सदस्यों को उन आदर्शों से प्रेरणा लेने को प्रेरित करें। जिसने भी राम को जीवन का आदर्श बनाया, उसका कल्याण हुआ। जिसने राम का द्रोह किया, उसे धरती पर जगह नहीं मिली।''

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