यूपी में विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय, बोले अखिलेश, शिवपाल का भी आया रिएक्शन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया। अखिलेश ने कहा कि यूपी में विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है। वहीं शिवपाल की भी प्रतिक्रिया आई है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक पोस्ट में लिखा है कि यूपी सरकार के विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है। वहीं अखिलेश के चाचा शिवपाल की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का 'कागजी' बजट मुबारक हो! यूपी की जनता को एक बार फिर "सपनों का अमृत" पिलाया गया है। विकास केवल विज्ञापनों में दौड़ रहा है और हकीकत की सड़कों पर गड्ढे आज भी अपनी गिनती का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा रही है। बजट से पहले ही जनता का हिसाब साफ है - रोजगार शून्य है, किसान कर्ज़ में है, नौजवान निराश है। अब ‘जुमलों का बजट’ नहीं चलेगा।
आपको बता दें कि सदन के समक्ष बजट पेश करते हुए खन्ना ने कहा कि राज्य सरकार राजकोषीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के लिए हमेशा पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसे राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने रोजगार, अवस्थापना विकास और चिकित्सा स्वास्थ्य समेत विभिन्न मदों को खास तवज्जो दी है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहाकि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है। यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।
खन्ना ने प्रमुख मदों में किये गये आवंटन का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 तथा छह प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की नौ प्रतिशत है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग एवं हर क्षेत्र के विकास के लिये अथक परिश्रम किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए लगभग 1374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1243 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय शिक्षा के लिए 14997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज में से 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित किया जा रहे हैं। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 1023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के इलाज के लिए निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
खन्ना ने बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 15 प्रतिश्त अधिक है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 'आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन' योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2867 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।




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