दम है तो गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं, सास-बहू वाले तंज पर स्मृति ईरानी ने अखिलेश को दिया चैलेंज
वाराणसी पहुंची स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को चैलेंज दे दिया। दम है तो वह गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। दरअसल एक दिन वाले महिला आरक्षण पर संसद में बोल रहे अखिलेश यादव ने सास-बहू वाले बयान के जरिए स्मृति ईरान पर तंज कसा था।

Smriti Irani Comment: महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में छिड़ी बहस के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरान ने अखिलेश यादव के सास-बहू वाले तंज पर पलटवार करते हुए उन्हें चैलेंज कर दिया। शुक्रवार को 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाराणसी पहुंची स्मृति ईरान ने अखिलेश को चैंलेज करते हुए कहा, दम है तो वह गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। स्मृति ईरानी ने कहा, विरासत की राजनीति करना आसान होता है। अगर इतना दम-खम रखते हैं तो अपनी पैतृक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। हमने तो कामकाजी महिला होते हुए किसी और के गढ़ में परचम गाड़ा। कांग्रेस के अध्यक्ष को उनके गढ़ में हराया।
उन्होंने कहा, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लागू करना स्पष्ट है। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने खुद कभी नौकरी नहीं की। आप हम जैसे लोग भी टैक्स भरते हैं, इसलिए नहीं कि सदन में सास-बहू की बात हो। संसद जाकर संसदीय कार्यवाही पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्मृति ईरानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका विपक्ष में रहना तय है। उन्होंने कहा, संसद में गृह मंत्री जी ने उठाए गए प्रश्नों का जवाब दिया है। विपक्ष को क्या संविधान पर विश्वास नहीं है? परिसीमन को लेकर विस्तार की मांग पहले विपक्ष की ही थी, अब सदन में कुछ और बोल रहे हैं। विपक्ष क्या रुख अपना रहा है, यह देश की जनता देख रही है।
क्या बोले थे अखिलेश
गुरुवार को संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा हो रही थी। अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने 'नारी को नारा बनाने' की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन 'भाजपाई चालबाजी' के खिलाफ है। सदन में बोलते हुए अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए स्मृति ईरान पर तंज कस दिया था। उन्होंने भाजपा की पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा था, 'सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।' सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा। सपा सांसद ने कहा था, ‘हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है।’




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