ये सशक्तिकरण नहीं, तुष्टीकरण है; जल्दबाजी में लाया जा रहा बिल, महिला आरक्षण पर बोले अखिलेश
महिला आरक्षण बिल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस तरीके से यह बिल लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। जब हम 33% आरक्षण की बात करते हैं, तो अगर हमारे पास सही आंकड़े ही नहीं हैं, तो हम आरक्षण कैसे दे सकते हैं?

महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन बिल आज संसद में पेश किए गए। इन बिलों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसके लिए तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। आज पहला दिन है। इस बीच महिला आरक्षण को लेकर समाजवादी पार्टी ने समर्थन जताते हुए बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बिल को जल्दबाज़ी में लाकर जनगणना और जातिवार आंकड़ों से बचने की कोशिश की जा रही है।
गुप्त लोगों की गुप्त योजना- अखिलेश
उन्होने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा कि यह गुप्त लोगों की गुप्त योजना है। हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है, उसके खिलाफ हैं। जनगणना होने के बाद देश जाति आधारित जनगणना की मांग करेगा, और अगर जाति आधारित जनगणना हो जाती है, तो देश आरक्षण की मांग करेगा, लेकिन ये लोग इन सबसे बचना चाहते हैं। ये लोग दलितों, मुसलमानों, पिछड़े वर्गों और अन्य ऐसे ही समुदायों के खिलाफ हैं।
ये सशक्तिकरण नहीं, बल्कि तुष्टीकरण है- अखिलेश
सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर हम देश के आंकड़ों को देखें, तो आरक्षण के साथ-साथ सुरक्षा की भी जरूरत है। यह सशक्तिकरण नहीं, बल्कि तुष्टीकरण है। अगर हम पिछड़े वर्ग की आबादी 66% भी मान लें, तो 33% आरक्षण देकर आप 33% महिलाओं के अधिकार छीन रहे हैं? हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन के तरीके का विरोध करते हैं, कोई जनगणना नहीं हो रही है, आंकड़े 2011 के आंकड़ों के आधार पर तय किए जाएंगे।
संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट
वहीं इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया। और लिखा कि ‘आज से शुरू हो रहे संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।’उन्होंने कहा, 'आप, जो अपनी उज्ज्वल किरणों से संसार को आलोकित करती हैं, दिव्य रूप से प्रकाशित होती हैं। ऋचाओं (स्तुतियों) के माध्यम से कण्वों ने आपका गुणगान किया है, हे उदार, समस्त का पोषण करने वाली।




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