गाड़ी का चालान समय पर जमा न किया तो अतिरिक्त शुल्क लगेगा, यूपी परिवहन विभाग का सख्त कदम
गाड़ी का चालान समय पर जमा न किया तो अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा। विलम्ब शुल्क पांच से 10 प्रतिशत तक हो सकता है। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।

अगर आपके मोबाइल पर अपने गाड़ी के चालान होने का मैसेज आता है तो उसकी अनदेखी न करें...। अगर एक महीने में चालान नहीं जमा करते है तो उस पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। चालान की सूचना चैटबॉट पर आपके मोबाइल पर मिलना शुरू हो गई है। इस वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये बकाया होने पर ही यूपी परिवहन विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है। दावा किया जा रहा है कि तय समय पर चालान न जमा होने पर विलम्ब शुल्क पांच से 10 प्रतिशत तक हो सकता है।
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि 10 अगस्त से चालान वसूली की नई व्यवस्था शुरू की गई है। पहले ई-चालान की जानकारी समय पर न मिलने की शिकायतें आती थी। अब व्हाटसएप चैटबॉट के जरिए ई-चालान नोटिस मोबाइल पर वाहन मालिकों को भेजी जा रही है। पहले चरण में जनवरी 2024 से जुलाई 2025 तक और दूसरे चरण में वर्ष 2022 और 2023 के लम्बित ई-‑चालानों की सूचना इसी चैटबॉट से भेजना शुरू कर दिया गया है।
इनके अलावा अब जो वर्तमान चालान की सूचना चैटबॉट के जरिए भेजी जा रही है। उन्हें तय समय पर जमा न करने वाले वाहन मालिकों को अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ेगा। वाहन मालिक व्हाट्सऐप चैटबॉट (8005441222) के जरिए अपने चालान की सूचना स्वयं भी पता कर सकते हैं। विभाग के मुताबिक लम्बित चालानों में एक-तिहाई से ज़्यादा ऐसे हैं, जिनमें मोबाइल नम्बर या तो गलत हैं या वाहनों के पंजीकरण का ब्योरा नहीं दर्ज है। विभाग ने यह भी अपील की है कि वाहन मालिक वेबसाइट parivahan.gov.in पर अपने वाहनों के चालान की स्थिति खुद भी पता करते रहें ताकि वह अतिरिक्त शुल्क से बच सके। वह अपने मोबाइल नम्बर को भी अपडेट करा ले।
ऐसे भुगतान करना होगा चालान का
-विभाग के सत्यापित व्हाट्सऐप चैटबॉट (8005441222) से चालान की सूचना आएगी। इस पर चालान का भुगतान करने के लिए एक लिंक मिलेगा। ये ‘पे-नाऊ’ नाम से होगा।
-यह भी ध्यान रखना होगा कि विभाग क्यूआर कोड/यूपीआई/खाते के जरिए भुगतान नहीं लेता है।
-परिवहन विभाग का चैटबॉट केवल 8005441222 नम्बर पर है। यह ब्लू टिक सत्यापित है।
कुछ तथ्य
वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 27 लाख एक हजार 786 ई-चालान जारी किए गए। इनसे 1411 करोड़ रुपये वसूले जाने थे। इसमें 22 लाख 11 हजार 244 चालान का भुगतान अभी बकाया है। इनसे 790 करोड़ रुपये वसूले जाने है। चार पहिया वाहनों का चालान सबसे ज्यादा बकाया है।




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