जीजा की मार्कशीट पर हार्ट का डॉक्टर बना पति, ननद की डिग्री पर क्लीनिक चलाने लगी पत्नी, अरेस्ट
ललितपुर में फर्जी कागजातों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्जीवाड़े में माहिर पति के साथ कदमताल कर ननद की डिग्री के सहारे फर्जी चिकित्सक बनी 25 हजार की इनामिया शातिर महिला को कोतवाली सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

Lalitpur News: यूपी के ललितपुर में फर्जी कागजातों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्जीवाड़े में माहिर पति के साथ कदमताल कर ननद की डिग्री के सहारे फर्जी चिकित्सक बनी 25 हजार की इनामिया शातिर महिला को कोतवाली सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करके न्यायालय में प्रस्तुत कर उसको जेल भेजा गया।
अमेरिका स्थित टेक्सास निवासी डा. सोनाली सिंह के शिकायती पत्र के आधार पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. रामनरेश सोनी ने तालाबपुरा निवासी अभिनव सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें यह बताया गया था कि इंजीनियर अभिनव अपने बहनोई डा. राजीव गुप्ता की डिग्रियों और उनकी पहचान का इस्तेमाल करके राजकीय मेडिकल कॉलेज ललितपुर के सीसीयू व कैंसर केयर यूनिट में विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट एवं जनरल मेडिसिन के पद पर नौकरी प्राप्त की। वह मरीजों की जान से लगातार खिलवाड़ करता रहा।
मुकदमे की विवेचना में यह भी बात सामने आई कि इस फर्जी चिकित्सक की पत्नी लवीना सिंह उर्फ दीपाली गुप्ता अपनी ननद डा. दिपाली की डिग्रियों और पहचान का इस्तेमाल करके बीना में पति के साथ मिलकर डाक्टरी करती रही। जिसके बाद पुलिस ने इस मुकदमा में लवीना सिंह को भी आरोपित बनाया और उसकी तलाश में जुट गयी। लगातार प्रयास के बावजूद उसको गिरफ्तार नहीं सकी पुलिस ने आरोपित के खिलाफ 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमरी करने के बाद इस शातिर महिला को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर अनुराग अवस्थी, निरीक्षक नरेन्द्र सिंह सहित पुलिस फोर्स मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जा रही है और फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पति के साथ बीना जिला सागर मप्र में की डाक्टरी
फर्जी चिकित्सक लवीना सिंह ने पुलिस को बताया कि वह एमएससी तक पढ़ी है। उसके पति अभिनव सिंह कस्टम विभाग में बाम्बे में तैनात थे। उन पर करप्सन का मुकदमा लिख गया था। जिसके बाद वह कई जगहों पर छिपते रहे। उनकी हालत ज्यादा खराब हो गयी थी। फिर उन दोनों ने मिलकर अमेरिका निवासी अपने बहनोई डा. राजीव गुप्ता व ननद डा. दीपाली गुप्ता के मेडिकल के शैक्षणिक दस्तावेजों कपटपूर्वक कूटरचना करके फरीदाबाद में डाक्टरी करने लगे थे। इसी बीच वर्ष 2019 में उनके पति को सीबीआई टीम ने मथुरा से पकड़ लिया था और वह जेल चले गये थे। जेल से बाहर आने के बाद पति और उसने मिलकर फिर ननद व बहनोई की डिग्रियों तथा पहचान पर 2021 में विवेकानन्द केन्द्र हास्पिटल बीना जिला सागर मप्र में डाक्टर के पद पर तैनात हो गये थे। उसके पति अभिनव सिंह ने जिला अस्पताल ललितपुर में कार्डियोलाजिस्ट के पद पर नौकरी प्राप्त कर ली थी।




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