मुंबई से गोरखपुर बुलाकर प्रेमिका की बेरहमी से की हत्या, पकड़े जाने के डर से कातिल ने मुंडवाया सिर
गोरखपुर में प्रिया हत्याकांड रिश्तों की उलझन और लालच का खौफनाक उदाहरण है। दरअसल, प्रेमी ने अपनी पत्नी और ससुर के साथ मिलकर प्रेमिका की हत्या की और पहचान छिपाने के लिए सिर तक मुंडवा लिया। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की सटीक जांच ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।

मुंबई निवासी प्रिया शेट्ठी की नृशंस हत्या के मामले में गोरखपुर पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी, उसकी पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त स्कूटी, मृतका का जैकेट, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किया है। एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद और एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चारकोप, कांदिवली पश्चिम (मुंबई) निवासी विजय कुमार साहनी, उसकी पत्नी संध्या साहनी और पीपीगंज थाना क्षेत्र के तिघरा टोला सपहिया निवासी उसके ससुर रामबिलास साहनी के रूप में हुई है। विजय मूल रूप से सहजनवा क्षेत्र के माडर गांव का निवासी है।
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान एक स्कूटी पर तीन लोगों के साथ जाते हुए संदिग्ध फुटेज सामने आए। स्कूटी का नंबर ट्रेस करने पर पुलिस आरोपी के ससुर रामबिलास तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात स्कूटी दामाद विजय को दी गई थी। इसके बाद विजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि हत्या में उसकी पत्नी संध्या भी शामिल थी। विजय ने स्वीकार किया कि उसे आशंका थी कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए पहचान हो सकती है, इसलिए वारदात के बाद सिर मुंडवा लिया और दाढ़ी-मूंछ कटवा दी। वहीं, पत्नी संध्या ने मृतका के कपड़े नदी में फेंक दिए। लेकिन ऑटो विवाद वाली जगह और रेलवे स्टेशन के पास के कैमरों में उनकी स्पष्ट तस्वीरें कैद हो चुकी थीं, जो पूरे मामले में टर्निंग प्वाइंट साबित हुईं। लेकिन पुलिस की जांच में ये दाव-पेंच नाकाम साबित हुए।
वर्षों से चली आ रही दोहरी जिंदगी का खौफनाक अंजाम
प्रिया हत्याकांड वर्षों से चली आ रही दोहरी जिंदगी, झूठे रिश्तों और लालच का खौफनाक अंजाम है। जिस महिला को सुलह और साथ रखने का भरोसा देकर गोरखपुर बुलाया गया उसी की सुनसान स्थान पर बेरहमी से हत्या कर दी गई। लेकिन सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों और पुलिस की जांच ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त विजय साहनी को वर्ष 2012 में उसे एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिली। इसी दौरान विज्ञापन के जरिए साझा किए गए, मोबाइल नंबर पर प्रिया शेट्ठी से संपर्क हुआ। विजय ने प्रिया को किराए पर मकान दिलाया और मंदिर में शादी कर लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगा।
साल 2013 में प्रिया के गर्भवती होने के बाद विजय उससे दूरी बनाने लगा। विवाद बढ़ा और प्रिया कांदिवली थाने तक पहुंच गई। हालांकि बाद में दोनों के बीच सुलह हो गई। वर्ष 2014 में विजय के पिता ने उसकी शादी पीपीगंज के तिघरा टोला सपहिया निवासी रिटायर्ड रेलकर्मी रामबिलास साहनी की बेटी संध्या से तय कर दी।
हत्या कर शव से उतार लिये थे सारे कपड़े
उधर, विजय ने कोर्ट में प्रिया से तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया था। विजय को लगा कि प्रिया अब उससे दूर चली गई है। उसके बाद विजय ने संध्या से शादी कर ली। लेकिन इंस्टाग्राम से प्रिया-विजय दोबारा संपर्क मे आए और विजय कई-कई दिन तक उसके साथ रहने लगा। वह विजय पर साथ रहने का दबाव बनाने लगी। जानकारी होने पर संध्या नाराज हो गई और मायके चली आई थी। इसके बाद प्रिया को गोरखपुर बुलाया गया और सिर और चेहरा कुचलकर हत्या कर दी। फिर सड़क पर लाश फेंक दी। यहां तक कि महिला के सारे कपड़े भी उतार लिए।
डीएनए जांच की तैयारी
मृतका प्रिया 13 वर्षीय बेटे की मां थी। बच्चे का पिता विजय साहनी ही बताया जा रहा है। इसकी पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराए जाने की तैयारी है। बेटे को प्रिया अपनी चचेरी बहन के पास छोड़कर गोरखपुर आई थी। चचेरे बहन ने ही शव की पहचान की है।




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