बुर्के वाली नहीं, दुर्गा-काली बनो; विराट हिंदू सम्मेलन में साध्वी प्राची ने बेटियों को दी नसीहत
साध्वी प्राची ने कहा है कि पत्थर के संग रहना है तो पत्थर बनना होगा। उन्होंने कहा धर्म रक्षा के लिए कट्टरता जरूरी है। वहीं, लड़कियों को लेकर कहा है कि वह काली और दुर्गा बने लेकिन बुर्के वाली न बनाएं।

यूपी के मेरठ में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के दौरान विश्व हिंदू परिषद में साध्वी प्राची ने कहा है कि पत्थर के संग रहना है तो पत्थर बनना होगा। धर्म रक्षा के लिए कट्टरता जरूरी है। हिंदू समाज को यह गांठ बांध लेना चाहिए। बच्चों को शिवाजी और भगत सिंह बनाएं। वहीं, लड़कियों को लेकर कहा है कि वह काली और दुर्गा बने लेकिन बुर्के वाली न बने।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मेरठ प्रांत में 11 से 15 फरवरी तक चलने वाले हिंदू सम्मेलन के तहत रविवार को विभिन्न स्थानों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुए। सम्मेलनों में संघ की 100 वर्षों की यात्रा, नागरिक कर्तव्य और धर्म रक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई। लालकुर्ती स्थित पंच प्यारे धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता साध्वी प्राची ने कहा अगर पत्थर के संग रहना है तो पत्थर बनना होगा और धर्म बचाना है तो कट्टर बनना होगा।
दुर्गा बनो लेकिन बुर्के वाली न बनो
साध्वी प्राची ने मंच से सोशल मीडिया को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने बच्चियों से अपील की कि वह छोटे कपड़ों में आपत्तिजनक रील न बनाएं। प्राची ने आगे कहा, 'सोशल मीडिया पर रील का चलन बढ़ा है। जिसमें बच्चियां भी शामिल हैं। ऐसे में समाज को गलत संदेश जाता है। रील ऐसी बनानी चाहिए। जिससे परिजन गर्व महसूस कर सके। काली बनो, दुर्गा बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो, बेटियों को बचाओ। हमारे देश 4 हजार बच्चियां हर दिन गायब हो रही हैं। लव जिहाद की शिकार हो रही हैं।'
उन्होंने वर्तमान शिक्षा पद्धति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बच्चों को वर्तमान शिक्षा से कायर बनाया जा रहा है, जबकि आज के समय में उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज और शहीद भगत सिंह के शौर्य की गाथाएं सुनाने की आवश्यकता है। वहीं, शास्त्रीनगर के मयूर विहार में आयोजित सम्मेलन में सह-क्षेत्र संघचालक नरेंद्र तनेजा ने कहा हिंदू राष्ट्र का अर्थ हर जीव में परमात्मा देखना है।




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