How can a Yogi become Chief Minister Avimukteshwarananda hits back at the Chief Minister over the Shankaracharya contro योगी होकर कैसे मुख्यमंत्री रह सकते हैं? शंकराचार्य विवाद पर अविमुक्तेश्वरानंद का CM पर पलटवार, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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योगी होकर कैसे मुख्यमंत्री रह सकते हैं? शंकराचार्य विवाद पर अविमुक्तेश्वरानंद का CM पर पलटवार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शंकराचार्य की पहचान राजनीतिक प्रमाणपत्र से नहीं होती। सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, तो मुख्यमंत्री  कैसे रह सकते हैं?

Sat, 14 Feb 2026 02:10 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, वाराणसी
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योगी होकर कैसे मुख्यमंत्री रह सकते हैं? शंकराचार्य विवाद पर अविमुक्तेश्वरानंद का CM पर पलटवार

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच बयानबाजी को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं कह सकता और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। इस बयान के बाद शंकराचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य की पहचान किसी राजनीतिक प्रमाणपत्र या सरकारी मान्यता से तय नहीं होती। उन्होने कहा कि जो योगी बन गया, उसे राजपाट से दूर रहना चाहिए। राजा योगी बन सकता है, लेकिन योगी फिर से राजा नहीं बनता। तो सवाल यह है कि अगर आप योगी हैं, विरक्त हैं, तो मुख्यमंत्री सत्ता स्वीकार कैसे कर रहे हैं?

'कोई सीएम शंकराचार्य नियुक्त नहीं करेगा'

एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सपा ने शंकराचार्य को मारा था। आप भी मार चुके हो। मतलब सपा ने जिसे मारा, उसे हम भी मार सकते हैं। अगर यही परिभाषा है, तो सपा से अलग कैसे हो सकते हो? जो अहंकार 2015 में अखिलेश के माथे पर चढ़ा था, वही अहंकार चढ़ गया है। अखिलेश तो बर्बाद हो गए। अब इनका देखिएगा। सनातन में ऐसी कोई परंपरा नहीं कि कोई मुख्यमंत्री या सरकार प्रमाणपत्र देकर शंकराचार्य नियुक्त करे।

उन्होने कहा कि सनातन धर्म की परंपराएं सदियों पुरानी हैं और इनमें धार्मिक पदों का निर्धारण आध्यात्मिक परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार या कोई राजनीतिक दल यह तय नहीं कर सकता कि कौन शंकराचार्य होगा या नहीं।

सीएम योगी ने क्या कहा था?

शंकराचार्य विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और कानून से ऊपर कोई नहीं है, यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं। योगी ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है और इसकी अपनी परंपराएं व नियम हैं, जिनका पालन जरूरी है।

उन्होने आरोप लगाया कि माघ मेले में जिस मुद्दे को लेकर विवाद बनाया गया, वह वास्तविक नहीं था बल्कि जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था बनाई थी और किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि अगर संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो पूर्व में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई।

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'गेरुआ वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता'

वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता और संतों का सम्मान होना चाहिए। इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।

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