यूपी में फ्लैट्स की कीमत 15% तक घटाएगा आवास विकास, बढ़ेंगे प्लॉट के रेट; जानें डिटेल
आवास विकास परिषद के पास में बड़ी संख्या में ऐसे फ्लैट हैं जो लंबे समय से खाली पड़े हैं। लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में इन फ्लैटों की बिक्री नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष कुछ योजनाओं में कीमत घटाने का प्रयोग सफल रहा, जिसके बाद बड़ी संख्या में फ्लैट बिके।

UP News: उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद एक साथ दो बड़े फैसलों की तैयारी में है। जहां एक ओर फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए कीमतों में 15% तक की छूट दी जाएगी, वहीं दूसरी ओर प्लॉट खरीदने वालों पर 5% तक कीमत बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डालने की भी तैयारी है। 23 अप्रैल को होने वाली आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में इस डबल फॉर्मूला प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जा रहा है।
खाली पड़े फ्लैट बेचने की रणनीति
आवास विकास परिषद के पास प्रदेश भर में बड़ी संख्या में ऐसे फ्लैट हैं जो लंबे समय से खाली पड़े हैं। लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जैसे शहरों में इन फ्लैटों की बिक्री नहीं हो पा रही है। पिछले वर्ष कुछ योजनाओं में कीमत घटाने का प्रयोग सफल रहा, जिसके बाद बड़ी संख्या में फ्लैट बिके। अब इसी रणनीति को और व्यापक बनाते हुए सभी प्रमुख योजनाओं में 15% तक छूट देने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव पास होने के एक महीने के भीतर यह छूट लागू की जा सकती है।
कीमत बढ़ा कर संतुलन बनाने की तैयारी
दूसरी ओर परिषद प्लॉट यानी भूखंड की कीमतों में 5% तक वृद्धि करने जा रहा है। खासतौर पर लखनऊ की अवध विहार और वृंदावन योजना सहित उन क्षेत्रों में दरें बढ़ाई जाएंगी, जहां जमीन उपलब्ध है और मांग बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन की कीमतों में वृद्धि से परिषद अपने राजस्व संतुलन को बनाए रख सकेगा।
जहां छूट नहीं मिली वहां बिक्री ठप हुई
परिषद के अधिकारियों के अनुसार जिन योजनाओं में पहले कीमतें नहीं घटाई गई थीं, वहां फ्लैटों की बिक्री लगभग ठप रही। यही वजह है कि अब उन सभी परियोजनाओं को भी छूट के दायरे में लाया जा रहा है। इस कदम से परिषद को उम्मीद है कि रुकी हुई बिक्री को रफ्तार मिलेगी और राजस्व में सुधार होगा।
जमीन नहीं, तो नहीं बढ़ाई जाएगी कीमत
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन योजनाओं में फिलहाल जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। यानी बढ़ोतरी केवल उन्हीं क्षेत्रों में होगी जहां नए प्लॉट आवंटन की संभावना है।
ओटीएस के लिए 110 लोगों ने किया आवेदन
वहीं, बकाए का भुगतान कर अपनी प्रॉपर्टी को मुक्त कराने का अवसर देने वाली एकमुश्त समाधान योजना भी आवास विकास परिषद और विकास प्राधिकरणों में चलाई जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में सोमवार को 85 आवंटियों ने एकमुश्त समाधान योजना के लिए आवेदन किया। हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों ने लोगों को योजना की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन फार्म भरने में मदद की। इसे मिलाकर अभी तक ओटीएस के 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। एलडीए अपनी सभी योजनाओं में भी कैम्प लगा रहा है। इस क्रम में जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-7 में आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में कैम्प लगाया गया, जोकि मंगलवार को भी संचालित रहेगा। उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर एवं आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज व ई-मेल के माध्यम से ओटीएस की सूचना भेजी गयी है। 17 जुलाई, 2026 तक एकमुश्त समाधान योजना चलेगी।
चक्रवृद्धि ब्याज से मिलेगी छूट
यह योजना प्राधिकरण की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित सम्पत्तियों एवं स्कूल भूखण्डों, चौरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित सम्पत्तियों, सहकारी आवास समितियों को आवंटित सम्पत्तियों व मानचित्रों के लिए खोली गई है। जिन लोगों पर समय से किस्तें जमा न करने पर दण्ड एवं चक्रवृद्धि ब्याज रोपित हो गया है, वे इसका लाभ ले सकते हैं।




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