यूपी में हॉरर किलिंग, बाप ने तीन भाइयों के साथ मिलकर बेटी को मार डाला
हरदोई में हॉरर किलिंग का मामला सामने आया है। जहां पिता ने तीन भाइयों और भाभी के साथ मिल अपनी बेटी को पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद हत्या को आत्महत्या बता शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तीन दिन बाद रविवार को थाने पहुंची मां ने किया।

यूपी के हरदोई के संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम समदखेड़ा में हॉरर किलिंग का मामला सामने आया है। एक रात घर से बाहर रहने पर पिता ने तीन भाइयों और भाभी के साथ मिल अपनी बेटी को पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद हत्या को आत्महत्या बता शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तीन दिन बाद रविवार को थाने पहुंची मां ने किया। मां की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर पिता समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी की तलाश की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम ने बताया कि समदखेड़ा की रहने वाली मिथिलेशा रविवार को थाने पहुंचीं और अपने पति, उसके तीन भाइयों और जेठानी के खिलाफ तहरीर दे बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि 18 वर्षीय बेटी सुभी तीन जून की देर रात घर से कहीं चली गई थी। चार जून की भोर वह खुद लौट आई। नशे में धुत पति राम दयाल मारपीट करते हुए उससे पूछताछ कर रहे थे। तभी पति के तीन भाई मुनेश यादव, कल्लू यादव, सुरेश यादव और जेठानी माधुरी देवी भी घर आ गए। इन सभी ने मिलकर बेटी को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और तबतक मारा जबतक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया। उसने बचाने की कोशिश की तो उसे जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं उसे बेटी का चेहरा तक नहीं देखने दिया।
बेटी की हत्या को छिपाने के लिए पहले सर्पदंश और फिर फांसी लगाने की कहानी गढ़ी। इसके बाद चार जून को ही गांव के बाहर स्थित एक बाग में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पति रामदयाल यादव, मुनेश यादव, सुरेश यादव और माधुरी देवी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रेम प्रसंग में युवती की निर्मम हत्या, जंगल में फेंका शव
उधर, लखनऊ के बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र के देवरई कला जंगल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सीतापुर के संधना थाना क्षेत्र से अपहृत 19 वर्षीय युवती की हत्या कर शव इन्हीं जंगलों में फेंक दिया गया। 12 दिन बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था।
पुलिस ने आरोपी प्रेमी की निशानदेही पर बीकेटी क्षेत्र के देवरई कला गांव के निकट जंगल से युवती के कंकालनुमा अवशेष, कपड़े, चप्पल, खोपड़ी और बाल बरामद किए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने इन्हें युवती मानसी का बताकर पहचान की। प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और गर्भावस्था को हत्या की वजह बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार मानसी 25 मई को सुबह घर से ग्राम कुचलयी स्थित महाविद्यालय जाने के लिए निकली थी, परंतु शाम होने पर भी वापस नहीं लौटी। परिजनों ने जब खोजबीन की और कोई सुराग नहीं मिला, तो थाना संधना में अपहरण की तहरीर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी।




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