पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, धोखाधड़ी में दर्ज है केस
देवरिया भूमि आवंटन मामले में धोखाधड़ी की आरोपी और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। 1999 के इस पुराने मामले में पहचान छिपाकर प्लॉट लेने का आरोप है। इसमें अमिताभ ठाकुर को भी जेल जाना पड़ा था।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में करीब ढाई दशक पुराने भूमि आवंटन मामले को लेकर चल रही कानूनी खींचतान में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। नूतन ठाकुर पति के साथ ही धोखाधड़ी के मामले में सह अभियुक्त हैं। अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पिछले महीने ही अमिताभ ठाकुर देवरिया जेल से रिहा हुए थे।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की जड़ें वर्ष 1999 में छिपी हैं, जब अमिताभ ठाकुर देवरिया जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उस दौरान देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में नूतन ठाकुर के नाम पर एक प्लॉट का आवंटन कराया गया था। इस आवंटन प्रक्रिया में पहचान छिपाने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया। जांच में सामने आया कि दस्तावेजों में 'नूतन ठाकुर' की जगह 'नूतन देवी' और पति के नाम में 'अमिताभ' की जगह 'अभिजात' लिखा गया था।
केस और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
इस पुराने मामले को लेकर सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसे बाद में विवेचना के लिए देवरिया सदर कोतवाली स्थानांतरित कर दिया गया। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने 10 दिसंबर 2025 को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को चलती ट्रेन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, फरवरी 2026 में उन्हें जिला जज की अदालत से जमानत मिलने पर रिहा किया गया।
हाईकोर्ट का रुख और राहत
पति की गिरफ्तारी के बाद नूतन ठाकुर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। उन्होंने पहले देवरिया जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। नूतन ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि हाईकोर्ट में दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने माना कि यह मामला काफी पुराना है और आरोपी का सहयोग जांच में आवश्यक है, लेकिन गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।
ठाकुर परिवार की मुश्किलें और राजनीति
अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में सक्रिय हस्तक्षेप करते रहे हैं। अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी को उनके समर्थकों ने 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया था। फिलहाल, नूतन ठाकुर को मिली इस राहत से पुलिस के उस ऐक्शन पर लगाम लग गई है, जिसके तहत उनकी गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी।




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