निर्दोष को लगी गोली भी हत्या मानी जाएगी, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सजा काट रहे अपराधी की जमानत और सजा के स्थगन की अर्जी को खारिज कर दिया है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और अपराध की प्रकृति उसे राहत देने के योग्य नहीं बनाती है। अदालत ने अपने फैसले में डॉक्ट्रिन ऑफ ट्रांसफर ऑफ मैलिस का उल्लेख किया।

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में सजा काट रहे अपराधी रिजवान की जमानत और सजा के स्थगन की अर्जी को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जयकृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और अपराध की प्रकृति उसे राहत देने के योग्य नहीं बनाती है। अदालत ने अपने फैसले में ‘डॉक्ट्रिन ऑफ ट्रांसफर ऑफ मैलिस’ (दुर्भावना के हस्तांतरण का सिद्धांत) का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी एक की हत्या के इरादे से गोली चलाता है और वह गोली किसी दूसरे निर्दोष व्यक्ति को लग जाती है, तब भी वह हत्या के अपराध का ही दोषी माना जाएगा।
यह मामला साल 2019 का है, जब संभल के बनियाढेर थाना क्षेत्र में रिजवान ने एक दुकानदार से पैसों की मांग की थी। दुकानदार के मना करने पर रिजवान ने उसे जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जो चूक गई। हालांकि, दूसरी बार चलाई गई गोली वहां काम कर रहे शाकिर नाम के मजदूर को लग गई, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। सत्र न्यायालय ने इस मामले में रिजवान को हत्या और अन्य संगीन धाराओं में दोषी करार दिया था, जिसके खिलाफ उसने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने तर्क दिया था कि रिजवान का इरादा शाकिर को मारने का नहीं था, इसलिए यह हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का मामला है। साथ ही यह दावा भी किया गया था कि अभियुक्त का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। हालांकि, सरकारी वकील ने इस दावे का कड़ा विरोध करते हुए अदालत के सामने 27 आपराधिक मामलों की एक लंबी सूची पेश की, जिसमें गंभीर अपराध शामिल थे। अदालत ने पाया कि अभियुक्त ने अपने हलफनामे में आपराधिक इतिहास के बारे में सही जानकारी नहीं दी थी और वह एक आदतन अपराधी है। इन्हीं तथ्यों और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न कानूनी उदाहरणों को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने रिजवान की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया।




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