पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत के गम में युवक ने खाया जहर, पक्षी प्रेम में उठाया खौफनाक कदम
यूपी में पालतू तोते ‘मिट्ठू’ की मौत के गम में एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में चार घंटे तक इलाज चला। इसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।

UP News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र के गांव सौतेरा के मजरा भिखारी पुरवा में 23 वर्षीय युवक अपने पालतू तोते की मौत के बाद बेहद दुखी हुआ। कुछ समय बाद गमगीन हालत में उसने नशीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज में चार घंटे तक उपचार चला। इसके बाद उसकी हालत ाों सुधार हुआ। जब उसने जहर खाने का कारण बताया तो परिजनों के साथ चिकित्सक भी हैरान रह गए।
भिखारीपुरवा निवासी रजनीश यादव पुत्र शिव कुमार यादव खेती किसानी करता है। बताते हैं कि रजनीश ने फरवरी में नैमिषारण्य क्षेत्र में करीब 150 रुपये में एक तोता खरीदा था। उसे घर लाकर रख दिया। ‘मिट्ठू’ नाम का तोता धीरे-धीरे पूरे परिवार से घुल-मिल गया। रजनीश भी अक्सर उसे खिलाता और बातचीत करता था। परिजनों के अनुसार, रविवार को अचानक तोता ‘मिट्ठू’ की मौत हुई। रिश्तेदारी में गया रजनीश वापस लौटा तो तोते की मौत की जानकारी मिली। इससे वह दुखी हो गया।
तोते ‘मिट्ठू’ से बेहद प्यार करता था
परिजनों का कहना है कि इसी बात से परेशान होकर मंगलवार को रजनीश ने नशीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ गई। वह चीख-चीख कर रोने लगा मुंह से झाग आने लगा। परिजनों ने आनन फानन में मेडिकल कॉलेज में उसे भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के मुताबिक, जहरीले पदार्थ के असर को देखते हुए उसका सघन इलाज किया जा रहा है। डॉ. रूपेंद्र सिंह ने चार घंटे तक इलाज व देखरेख की। उन्होंने बताया कि युवक ने संभवत: नशीला पदार्थ सेवन किया था। मुंह से झाग और गंध के आधार पर भी इसकी पहचान हुई। होश में आने के बाद रजनीश ने बताया कि वह अपने तोते ‘मिट्ठू’ से बेहद प्यार करता था। उसने बताया कि रिश्तेदारी जाने के दौरान तोते की वह देखभाल नहीं कर पाया। तोते के गम में वह परेशान हुआ तो सोचा जान दे दूं।




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