कानपुर में हाफ एनकाउंटर; 24 लाख की लूट के 2 आरोपी गिरफ्तार, बदमाशों के पैर में लगी गोली
कानपुर के चकेरी में 24 लाख की लूट मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं, पुलिस लूट की रकम और गिरोह से पूछताछ कर रही है।

Kanpur News: कानपुर में श्यामनगर चौकी से कुछ दूरी पर कट्टे की बट मारकर बाइक सवार से नकदी से भरा बैग लूटने के मामले में गुरुवार रात पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस ने घटना के आठ दिन बाद बुधवार को रिपोर्ट दर्ज की थी। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश ने बताया कि 16 फरवरी की शाम को यशोदानगर निवासी वासिद अपने साथी अदशद के साथ बाइक से बैंक से नकदी निकाल बैग में लेकर जा रहा था। शताब्दी उद्यान के पास मोड़ पर दो बाइक सवार चार बदमाशों ने वासिद और उसके दोस्त को पीटा था। कट्टे की बट मारकर नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। पीड़ित ने उस समय घटना से इनकार किया था।
जवाबी कार्रवाही में बदमाशों के पैर में लगी गोली
हालांकि बुधवार को उसने तहरीर देकर चकेरी थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने गुरुवार रात को अहिरवां के अस्सी फिट रोड पर घेराबंदी कर बाइक सवार दो आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। इस पर उन लोगों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर पर गोली लगी है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने नाम बेकनगंज निवासी यासीन और मुजाहिद बताए हैं। पुलिस ने दोनों को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इलाज के बाद आरोपियों से पूछताछ कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
8 लाख नहीं 24 लाख की लूट!
श्यामनगर चौकी से चंद कदम की दूरी पर हुई लूट की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। लूट की रकम आठ लाख नहीं बल्कि 24 लाख से ऊपर पहुंच गई है। पुलिस ने गुरुवार देर रात अहिरवां में इनकाउंटर कर दो आरोपियों को पकड़ भी लिया। इस घटना के आठ दिन बाद चकेरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पांच से छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि कई लाख रुपये बरामद भी कर लिए गए हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि उस दिन जाजमऊ निवासी कारोबारी के खाते से कई करोड़ रुपये की रकम निकाली गई थी।
आखिर झूठ क्यों बोल रहा वासिद, किसका है डर?
16 फरवरी की शाम को घटना चौकी के पास ही हुई थी। लेकिन वासिद के लगातार बदल बदल कर बयान आते रहे। पहले उसने पुलिस को बताया आठ लाख की लूट हुई। फिर कहा बाइक से एक्सीडेंट हुआ था, डर के चलते लूट की कहानी बनाई। इस घटना के आठ दिन बाद उसने चकेरी थाने में लूट का मुकदमा दर्ज कराया लेकिन लूट की रकम नहीं खोली। सवाल है कि आखिर वह झूठ क्यों बोल रहा है। उसे किसका डर सता रहा है।




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