कानपुर में प्रधान के बेटे ने साथियों के साथ मिलकर दलितों को पीटा, फायरिंग के बाद फूंका घर
कानपुर में कार सवार प्रधान के बेटे और उसके साथियों ने दलित बस्ती में हमला बोलकर जमकर उत्पात मचाया। फायरिंग कर पहले दहशत फैलाई फिर एक दलित का घर फूंक दिया। इस घटना में चार लोग घायल हो गए। उधर, सूचना पर डीसीपी भी मौके पर पहुंचे।

यूपी के कानपुर में शनिवार रात कार सवार प्रधान के बेटे और उसके साथियों ने दलित बस्ती में हमला बोलकर जमकर उत्पात मचाया। फायरिंग कर पहले दहशत फैलाई फिर एक दलित का घर फूंक दिया। चार घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। विधायक सरोज कुरील सीएचसी पहुंचीं और घायलों को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।
ये मामला सजेती के मढ़ा गांव का है। सरगांव की प्रधान निधि यादव का बेटा अभय शनिवार दोपहर ट्रैक्टर ट्राली से भूसा लेकर घाटमपुर आ रहा था। मढ़ा गांव के महेश संखवार के घर के सामने एक मिक्सर मशीन खड़ी थी और उसकी भैंस बाहर बंधी थी। आगे राशन लेकर आया ट्रक भी खड़ा था, जिससे रास्ता संकरा था। इसी बात पर अभय व महेश की पत्नी भाग्यवती का विवाद हो गया। आरोप है कि भाग्यवती के बेटे कुलदीप, शिवम व संदीप आ गए और अभय को पीट दिया। उसके चेहरे पर चोट आई। रात साढ़े आठ बजे अभय चार कारों से 15 से 20 लोगों के साथ मढ़ा गांव की दलित बस्ती पहुंचा और उत्पात शुरू कर दिया। दबंगों ने भाग्यवती व उनके बेटे शिवम, कुलदीप को पीटना शुरू कर दिया। पड़ोसी ज्ञानेंद्र व उसके बेटे गोलू को भी जमकर पीटा। भाग्यवती का आरोप है कि दबंगों ने घर पर आग लगा दी।
जानकारी के मुताबिक करीब 8:30 बजे भाग्वयती के बेटे कुलदीप, शिवम और संदीप खाना खा रहे थे। घर के किंवाड़ खुले थे। इसी बीच धड़धड़ाते हुए सात से आठ युवक हाथों में गड़ासा, लाठी डंडे और असलहे लेकर घर में घुस गए। परिवार कुछ समझ पाता, हमलावरों ने तीनों को बाहर खींच लिया। चीख पुकार मची तो आसपास के लोग दौड़े लेकिन दबंगों की अधिक संख्या देकर कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। आरोप है कि दबंगों ने महिलाओं को बाल खींचकर पीटा जबकि युवकों को लाठी डंडों से मारकर घायल किया। इस घटना को देख रहे पड़ोसी फूल सिंह और उनके बेटे गोलू ने कुछ हिम्मत जुटाकर विरोध करने का प्रयास किया तो हमलावर उन पर भी हावी हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक हमलावरों ने असलहों से तीन से चार राउंड फायरिंग भी की। इस हमले में भाग्यवती उनका बेटा शिवम, फूल सिंह और बेटा गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े तो हमलावर भाग निकले।
पुलिस ने हल्के में ली घटना, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंचे डीसीपी
घटना की सूचना पर पहुंची घाटमपुर पुलिस इसे साधारण मारपीट मानती रही। यही फीडबैक भी आला अफसरों को दिया। कुछ मिनट बाद झोपड़ी जलने का वीडियो वायरल हुआ तो डीसीपी साउथ घटनास्थल की ओर भागे। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित दबंगों द्वारा झोपड़ी जलाने की बात कर रहे हैं जबकि दबंगों का कहना है कि खुद ही झोपड़ी में आग लगाई गई है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सुबह भाग्यवती और उसके बेटों ने अभय को पीटा था। रात में अभय अपने साथियों के साथ गांव पहुंच गया। यह साधारण मारपीट की घटना है। पीड़ितों से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
गड़ासे से मारा, बाल पकड़कर नोचा
घटना की जानकारी पर सीएचसी पहुंची विधायक सरोज कुरील ने बताया कि यहां दो तीन महिलाएं और दो तीन पुरुष घायल हुए हैं। दबंगों ने दलितों के घर फूंक दिए हैं। गड़ासे से मारा, डंडो से पीटा, हाथ काटा और महिलाओं के बाल पकड़कर नोचा है। डीसीपी ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन पीड़ित जब सजेती थाने पहुंचे तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।




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