गूगल सर्च हिस्ट्री में साइनाइड, मेरठ ट्रिपल मर्डर का ऐसे खुला राज; एक महीने से चल रही थी प्लानिंग
मेरठ ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा गूगल सर्च हिस्ट्री से हुआ। पुलिस ने जब हत्यारोपी पवन के मोबाइल की जांच की तो पूरा केस खुल गया। उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री में पिछले करीब एक माह से साइनाइड और बाकी जहर को लेकर जानकारी की जा रही थी।

मेरठ ट्रिपल मर्डर में गूगल सर्च हिस्ट्री से पूरा केस खुल गया। पुलिस ने हत्यारोपी पवन के मोबाइल की जांच की तो खुलासा हुआ कि उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री में पिछले करीब एक माह से साइनाइड और बाकी जहर को लेकर जानकारी की जा रही थी। साइनाइट को कैसे आसानी से लिया जा सकता है और कैसे उपयोग करते हैं, इन बातों की जानकारी पवन कर रहा था। पुलिस ने पवन से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा केस खुल गया। दौराला में तीन अप्रैल को अंकित, बाबूराम और जितेंद्र की शराब पीने के बाद मौत हो गई थी।
इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान अंकित की बहन अलका, अंकित के दोस्त पवन और कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की। पुलिस को ये भी जानकारी मिली कि पवन और अलका के बीच प्रेम प्रसंग था और अंकित इस बात को लेकर विरोध करता था। शराब पीकर कई बार अलका के साथ इसी बात को लेकर मारपीट भी कर चुका था। ऐसे में पुलिस का शक पवन पर गहरा गया था।
सीसीटीवी से भी मिले सबूत
आरोपी पवन ने पुलिस को बताया कि उसने दो अप्रैल को परिचित कल्लू को 100 रुपये देकर शराब मंगवाई थी। इसी शराब में साइनाइड मिलाकर दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी की जांच की तो कल्लू ठेके पर शराब खरीदते हुए दिखाई दिया है। इसके अलावा तीन अप्रैल को जब वारदात से पहले पवन ने अलका से फोन पर बात की थी। अलका ने ही पवन को बताया कि रजवाहे के रास्ते से उसका भाई अंकित स्पेलर पर तेल लेने जाएगा। इसके बाद पवन ने रजवाहे पर अंकित को शराब दी थी।
पुलिस को 4 घंटे घुमाती रही अलका
पवन ने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी, लेकिन अलका पूरी घटना से पल्ला झाड़ती रही। अलका ने साफ कहा कि उसने कोई हत्या नहीं की और न ही किसी साजिश में शामिल रही। चार घंटे तक पुलिस मशक्कत करती रही। आखिर में तमाम साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने पवन के साथ अलका का सामना कराया। इसके बाद ही अलका टूट गई और साजिश का खुलासा किया।
पवन बोला, अलका के कहने पर की वारदात
पवन ने पूछताछ में खुलासा किया कि अलका से उसका 24 साल से प्रेम प्रसंग था। अलका ने बताया था कि अंकित शराब पीकर मारपीट करता था। कुछ माह पूर्व उसने अलका की इज्जत पर भी हाथ डाला था। उसने इस बात की जानकारी पवन को दी और अंकित की हत्या का प्लान बनाया। इसके बाद पवन ने अपने परिचित सुनार अशोक उर्फ सोनी से संपर्क किया और जहर के बारे में जानकारी ली।
पवन बोला, अंकित की मौत का अफसोस नहीं
पुलिस ने अंकित की बहन अलका, उसके प्रेमी पवन और साइनाइड देने वाले अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पवन बोला कि अंकित गलत आदमी था और उसकी मौत का अफसोस नहीं है। हालांकि कहा कि बाबूराम और जितेंद्र साथ में शराब पी लेंगे, ये नहीं पता था और इन दोनों की मौत का अफसोस रहेगा।
सुनार जेवर सफाई में करते हैं साइनाइड का इस्तेमाल
सुनार जेवर की सफाई, पॉलिशिंग और सोने पर परत चढ़ाने के लिए पोटेशियम साइनाइड या सोडियम साइनाइड जैसे रसायनों का उपयोग करते हैं। यह बहुत हल्का घोल होता है जो गंदगी को हटाकर सोने को चमकाता है, लेकिन यह अत्यंत विषैला होता है।
500 रुपये में खरीदा जहर
पवन ने अशोक से 500 रुपये में साइनाइड खरीदा और 30 मार्च को अलका को दिया। कहा कि अंकित को खाने में मिलाकर दे देना। हालांकि अलका काम पूरा नहीं कर पाई। दो अप्रैल को पवन ने शाम सात बजे कल्लू नाम के युवक को 100 रुपये देकर शराब मंगवाई। इस पाउच को खोलकर इसमें साइनाइड मिलाया और फेवी क्विक लगाकर उसे बंद कर दिया। इसी शराब के पाउच को तीन अप्रैल को पवन ने रजवाहे के पास अंकित को दिया। अंकित ने शराब दौराला निवासी बाबूराम और जितेंद्र के साथ मिलकर पी थी और इसलिए तीनों की मृत्यु हो गई।




साइन इन