गुड न्यूज: यूपी के इन दो जिलों के बीच नए रेल लाइन रूट पर कवायद शुरू, FSL को मिली मंजूरी
इस नई रेल परियोजना के लिए 2016 के रेल बजट में मंजूरी दी गई थी। तब से 2025 तक इस प्रोजेक्ट को जिंदा रखने के लिए हर साल एक हजार का बजट आवंटित किया जाता रहा। अब जाकर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है। बोर्ड ने 64 किमी लंबी लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है।

UP News : गोरखपुर और कुशीनगर के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक खुशखबरी है। इस रूट पर नई रेलवे लाइन (पडरौना-कुशीनगर वाया गोरखपुर) के निर्माण के लिए 64 किमी लंबी लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएसएल) को मंजूरी दे दी है। एफएसएल के दौरान पिलर लगाने, सर्वेक्षण और व्यापक रिपोर्ट जमा करने का काम शामिल है, जो क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
इस नई रेल परियोजना के लिए 2016 के रेल बजट में मंजूरी दी गई थी। तब से लेकर 2025 तक इस प्रोजेक्ट को जिंदा रखने के लिए हर साल एक हजार का बजट आवंटित किया जाता रहा। उसके बाद अब जाकर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है। बोर्ड ने 64 किमी लंबी लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। इस रूट पर रेल लाइन बिछ जाने से जहां एक लाख से ज्यादा लोगों को यातायात का बेहतर विकल्प मिलेगा वहीं पर्यटन के लिहाज से कुशीनगर के साथ ही गोरखपुर का भी काफी विकास होगा। यहां रेल बिछाने के लिए काफी लम्बे समय से तैयारी चल रही थी।
एक लाख लोगों को मिलेगा बेहतर विकल्प
कुशीनगर-पडरौना तक नई रेल बिछ जाने से रोजाना आने-जाने वाले करीब सवा लाख लोगों को बेहतर यातायात का विकल्प मिलेगा। अभी इस रूट पर सिर्फ सड़क यातायात का ही विकल्प है। इस रूट पर ट्रेन चल जाने से कम किराएं में पडरौना और कुशीनगर तक की यात्रा यात्री कर सकेंगे।
सरदारनगर में बने ट्रॉम-वे का प्रयोग करेगा रेलवे
सरदारनगर में बने ट्रॉम-वे रेल लाइन बिछाने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि लाइन बिछाने के काम में कम से कम पांच साल का समय लग सकता है। पर्यटन क्षेत्र में कुशीनगर की अंतरराष्ट्रीय पहचान है। यहां जापान, चाइना, थाईलैण्ड, श्रीलंका और तिब्बत के लोग भगवान बुद्ध के दर्शन को आते हैं। ऐसे में इसके रेल लाइन से जुड़ने से क्षेत्र में काफी विकास होगा।




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