good news for shiksha mitras and instructors in up cm yogi adityanath made announcement to increase stipend यूपी में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM योगी ने किया ये ऐलान, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

यूपी में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM योगी ने किया ये ऐलान

सीएम योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। एक करोड़ छह लाख निराश्रित, वृद्धावस्था और दिव्यांगजनों की सामाजिक पेंशन भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1 लाख 89 हजार 836 आंगनबाड़ी कार्यकार्ता हैं और एक लाख 68 हजार आशा वर्कर हैं।

Mon, 16 Feb 2026 10:15 PMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
share
यूपी में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM योगी ने किया ये ऐलान

यूपी के शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी और आशा वर्करों के लिए खुशखबरी है। सीएम योगी ने सोमवार को विधान परिषद में जहां आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया वहीं शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए भी एक गुड न्यूज दी। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के लिए भी सरकार काम कर रही है। शिक्षक चाहे बेसिक के हों, माध्यमिक या उच्च शिक्षा के, इसके अलावा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, रसोइयों को भी पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। एक अप्रैल से इसका लाभ भी मिलने लगेगा।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। एक करोड़ छह लाख निराश्रित, वृद्धावस्था और दिव्यांगजनों की सामाजिक पेंशन भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने ये बातें सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश हुए धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1 लाख 89 हजार 836 आंगनबाड़ी कार्यकार्ता हैं और एक लाख 68 हजार आशा वर्कर हैं। मुख्यमंत्री ने करीब एक घंटा 33 मिनट के अपने संबोधन में न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि 2017 से पहले की स्थिति से उसकी तुलना भी की। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री के भाषण के बाद बहुमत के आधार पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूपी: सुभासपा विधायक बेदीराम फिर सुर्खियों में, प्रॉपर्टी डीलर ने लगाया ये आरोप

इसके बावजूद राज्यपाल के प्रति विपक्ष द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। सदन में राज्यपाल के प्रति अभद्र और अशिष्ट व्यवहार करने पर विपक्ष को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्ष में प्रदेश ने एक अपनी यात्रा तय की है। यह यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव की यात्रा, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। इस यात्रा को देश और दुनिया स्वीकार करती है। वे कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। यह अधिकार प्रदेश की 25 करोड़ जनता को पहले ही मिलना चाहिए था लेकिन अपने संकुचित एजेंडे को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य और जनता जनार्दन के साथ खिलवाड़ किया। उनके सामने पहचान का संकट खड़ा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था, अपराध का एक गढ़ बना दिया। इस दौरान कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। वहीं डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता से आज उत्तर प्रदेश ने बॉटलनेक से देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथॉट बनाने में सफलता प्राप्त की है।

फियर से फेथ जोन में बदला यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चलाते थे। वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया जैसी स्थिति ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। न बेटियां सुरक्षित थीं और न व्यापारी। वहीं वर्ष 2017 के बाद यही उपद्रवग्रस्त उत्तर प्रदेश आज उत्सव प्रदेश में बदल चुका है। अब राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है। विकास की पहली शर्त ‘रूल ऑफ लॉ’ है और इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने मजबूती से काम किया। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था से उत्तर प्रदेश अब “फियर जोन” से “फेथ जोन” में परिवर्तित हो गया है। अब यहां भय का नहीं बल्कि आस्था का वातावरण है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने नई पहचान दी है। दंगों की जगह अब फेस्टिव और टेंपल टेक्नोलॉजी इकोनॉमी तेजी से विकसित हो रही है।

2017 के बाद प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन हुआ। प्रयागराज में माघ मेले में इस बार 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की यह अभूतपूर्व भागीदारी केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि व्यवस्था और सुरक्षा के प्रति उनके विश्वास का भी प्रमाण है। भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश में निवास करती है। यहां अयोध्या की मर्यादा, काशी की शाश्वत चेतना, मथुरा-वृंदावन की भक्ति और प्रयागराज की समरसता त्रिवेणी, कुम्भ और महाकुम्भ जैसे आयोजनों में स्पष्ट दिखाई देती है। अब हम कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश में न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि “यूपी में सब चंगा है।”

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन में जुटे अधिकारी-कर्मचारी, अब इन पर अभियान का फोकस

आक्रांताओं का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं करेगा नया यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश विरासत पर गौरव की अनुभूति करता है। जिन्होंने भारत की आत्मा पर प्रहार किया और आस्था को रौंदा, उन आक्रांताओं का महिमामंडन कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए करे, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश यह स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत भारत की आन, बान व शान का प्रतीक है। इन प्रतीकों व राष्ट्रनायकों का सम्मान भारतीयों का दायित्व बनता है। आक्रांताओं का महिमा मंडन और राष्ट्र प्रतीकों का अपमान करने वाले संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व सपा एक तरफ संविधान के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोक रही है तो दूसरी तरफ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का विरोध कराया जा रहा है। हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत न गाना नहीं चलेगा।

एसआईआर को लेकर सपा को घेरा

मुख्यमंत्री ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। बोले कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में मुख्यमंत्री ने बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित / मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, य़ह अस्वीकार्य है।

कांग्रेस से सबक ले सपा, कहीं विधानभवन मुक्त न होना पड़े

मुख्यमंत्री ने सपा के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है। सीएम ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News और Kanpur News के साथ-साथ UP Board Result 2026 Live, UP Board 10th Result 2026 Live, UP Board 12th Result और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।