यूपी के 8 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, अब जल्द मिलने लगेगी ये सुविधा
चार जून को दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय, लखनऊ में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। साचीज के विशेषज्ञ संबंधित कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की प्रक्रिया और योजना के संचालन की जानकारी देंगे। सभी जिलों से एक नोडल अधिकारी शामिल होंगे।

Cashless treatment facility for teachers and employees of UP : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों (सीडब्ल्यूसीएन), अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक शिक्षकों, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवारों को योगी सरकार के ऐलान के मुताबिक जल्द ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। नवनियुक्त बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कार्यभार संभालने के तत्काल बाद ही सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के नाम इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया। आपके अपने अखबार हिंदुस्तान ने बीते शनिवार को "आठ लाख शिक्षक- कर्मियों के नहीं बने आयुष्मान कार्ड" शीर्षक से प्रमुखता से खबर छापा था। इस प्रकरण को हिंदुस्तान पूर्व में भी प्रमुखता से उठ चुका है। आज इसे संज्ञान में लेकर नए बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने मंगलवार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया।
आदेश के अनुसार आगामी चार जून को दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय, लखनऊ में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में साचीज के विशेषज्ञ संबंधित कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की प्रक्रिया और योजना के संचालन की जानकारी देंगे। सभी जिलों से एक नोडल अधिकारी भाग लेंगे। इससे योजना का लाभ पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
5 लाख रुपए तक का इलाज होगा कैशलेस
बता दें कि इस सुविधा के तहत शिक्षकों-कर्मचारियों का 5 लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस होगा। इस साल जनवरी में हुई योगी कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को भी कैशलेस मेडिकल सुविधा में शामिल किया है। प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को आयुष्मान भारत की तर्ज पर 5 लाख रुपए तक की मुफ्त और कैशलेस इलाज सुविधा मिलेगी।
इस योजना के तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों और कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्य भी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकेंगे। योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को सामाजिक सुरक्षा के तहत जीवन बीमा और दुर्घटना कवर भी देने की घोषणा की है। प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को यह सुविधा मिलेगी। किसी अप्रिय घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवारीजनों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।




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