यूपी कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर गिरफ्तार, 21 करोड़ रुपए के घोटाले में ऐक्शन
यूपी कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गोंडा शाखा में हुए 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के चर्चित घोटाले में कोतवाली नगर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।

UP News: उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में हुए 21 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपये के चर्चित घोटाले में कोतवाली नगर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में सहायक शाखा प्रबंधक सुशील कुमार गौतम को लखनऊ के आलोक नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों और अनियमित ऋण वितरण के जरिए करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुशील कुमार गौतम पुत्र रामलाल गौतम, थाना अलीगंज, जनपद लखनऊ का निवासी है और वह बैंक में सहायक शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा गोण्डा के सहायक महाप्रबंधक एवं मुख्य प्रबंधक भुवन चन्द्र सती ने बीते दो जनवरी को कोतवाली नगर में तहरीर देकर ऋण वितरण में भारी अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट और जांच समिति की संस्तुति में सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक कर्मियों और कुछ खाताधारकों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से ऋण स्वीकृत किए। जांच में यह भी पता चला कि बिना पात्रता और आवश्यक अभिलेखों के स्वयं, परिवारजनों और अन्य लोगों को ऋण वितरित किए गए।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है
फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 205 खाताधारकों के ऋण और बचत खातों सहित पांच आंतरिक खातों से विभिन्न बैंकिंग माध्यमों के जरिए 2147.78 लाख रुपये का गबन किया गया। इनमें 46.13 लाख रुपये बैंक के आंतरिक खातों से अनधिकृत रूप से निकाले गए थे। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस पहले ही तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान कई महत्वपूण दस्तावेज और साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाई जा रही
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने मिलकर पूरे मामले को अंजाम दिया था, जिसके बाद शिकायत पर जांच शुरू की गई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक सभाजीत सिंह, उपनिरीक्षक उदित कुमार वर्मा, कांस्टेबल अमित यादव और प्रभाकर यादव शामिल रहे। पुलिस टीम की कार्रवाई को लेकर अधिकारियों ने संतोष जताया है और कहा है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।




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