सरिया से मां-भाई को मार डाला; गांववाले बोले- सबको मार देगी, मुरादाबाद में डबल मर्डर से सनसनी
राजीव ने बताया कि उसकी बहन की मानसिक स्थिति पिछले पांच दिनों से ज्यादा खराब थी, जिसके चलते उसे बांधकर रखा जा रहा था। बुधवार शाम वह अचानक कैसे खुल गई, इसका किसी को पता नहीं चला। जैसे ही वह मुक्त हुई, उसने मां-भाई को मौत के घाट उतार दिया।

मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र के गांव भैसली जमालपुर में बुधवार शाम एक घर के भीतर ही रिश्तों के कत्ल की दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती ने अपनी मां और छोटे भाई की लोहे के सरिये से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी। शोर शराबा सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, दोनों की सांसें थम चुकी थीं। वारदात के बाद युवती खून से सना सरिया लेकर गांव की गलियों में दौड़ पड़ी, जिससे दहशत फैल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया है।
युवती ने मां-भाई की सरिए से हत्या की
युवती मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही है। गांव निवासी मदन सिंह की मौत के बाद उनका परिवार खेती-किसानी कर गुजर-बसर कर रहा था। बुधवार शाम बड़ा बेटा राजीव अपनी दो बहनों के साथ गेहूं काटने खेत पर गया था। घर पर मां मुन्नी देवी (60) और छोटा भाई अर्जुन (22) मौजूद थे। घर की ही मझली बेटी, जो पिछले दो साल से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी, अचानक उग्र हो गई। उसने पास पड़ा भारी सरिया उठाया और आंगन में बैठी मां के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
आरोपी युवती की मानसिर स्थिति ठीक नहीं थी
मां को बचाने आए भाई अर्जुन पर भी उसने सरिये से कई वार किए। हमला इतना जबरदस्त था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। राजीव ने बताया कि उसकी बहन की मानसिक स्थिति पिछले पांच दिनों से ज्यादा खराब थी, जिसके चलते उसे बांधकर रखा जा रहा था। बुधवार शाम वह अचानक कैसे खुल गई, इसका किसी को पता नहीं चला। जैसे ही वह मुक्त हुई, उसने मां-भाई को मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर पहुंचे एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ शुभम पटेल ने किसी तरह उसे काबू किया। पुलिस ने आरोपी बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
खून से सना सरिया लेकर गलियों में दौड़ी
मां और भाई की जान लेने के बाद आरोपी युवती जिस हाल में घर से बाहर निकली, उसे देखकर गांव वाले कांप गए। युवती के हाथ में खून से सना लोहे का सरिया और कपड़ों पर बिखरा था खून। वह बदहवास होकर गांव की गलियों में भागने लगी। उसे इस हाल में देखकर रास्ते में खड़े लोगों को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। जैसे ही लोगों की नजर उसके खून से सने सरिये पर पड़ी, गांव में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। महिलाओं ने बच्चों को घरों के अंदर खींच लिया और दरवाजे बंद कर लिए। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि वह इतनी गुस्से में थी कि किसी की भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं हुई।
युवती को घर में बांधकर रख गया था
राजीव के मुताबिक, पिता की मौत के बाद आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसे किसी बड़े अस्पताल या मानसिक केंद्र में भर्ती कराया जा सके। घर पर ही बांधकर उसका ख्याल रखा जा रहा था, ताकि वह खुद को या किसी और को चोट न पहुंचाए। लेकिन वही सावधानी इस परिवार के दो सदस्यों के लिए मौत का कारण बन गई। पूरे गांव में शोर मच गया कि ‘वो सबको मार देगी’। इसी खौफ के बीच पुलिस गांव पहुंची। पुलिस को देखकर भी युवती शांत नहीं हुई, लेकिन घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया गया।
दो साल से चल रहा था इलाज
जब पुलिस उसे लेकर गई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली और अपने घरों के दरवाजे खोले। बड़े भाई राजीव ने बताया कि बहन का इलाज दो साल से चल रहा था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार को भी परिवार के बाकी लोग गेहूं काटने खेत पर चले गए थे, मगर मां मुन्नी देवी और छोटा भाई अर्जुन सिर्फ इसलिए घर रुक गए ताकि बीमार बहन की देखभाल कर सकें और उसे खाना खिला सकें।




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