रामपुर डबल मर्डर केस में भाजपा नेता को बड़ी राहत, 14 साल बाद अवधेश शर्मा समेत 8 आरोपी बरी
रामपुर के चर्चित डबल मर्डर केस में भाजपा नेता अवधेश शर्मा समेत सभी आठ आरोपी बरी हो गए। सेशन कोर्ट ने बुधवार को साक्ष्यों के अभाव में सभी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद जहां आरोपी पक्ष में जश्न सा माहौल रहा।

यूपी के रामपुर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में बुधवार भाजपा नेता अवधेश शर्मा समेत सभी आठ आरोपी बरी हो गए। सेशन कोर्ट ने बुधवार को साक्ष्यों के अभाव में सभी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद जहां आरोपी पक्ष में जश्न सा माहौल है, वहीं पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ज्वालानगर शिव विहार कॉलोनी में 17 मार्च 2012 को सवेरे नाले में दो युवकों के शव मिले थे। दो बाइक भी नाले में पड़ी थी। दोनों की शिनाख्त आगापुर निवासी अजय यादव और भोट थाना क्षेत्र के मिलक बिचौला गांव निवासी जुल्फिकार उर्फ जुल्फे के रूप में हुई थी। दोनों दोस्त थे। मृतक के स्वजन की ओर से आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमे में ज्वालानगर निवासी शिव सेना जिला प्रमुख अनुराग शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष व सभासद के पति अवधेश शर्मा, आगापुर निवासी प्रदीप पंडित, शहजादनगर थाना क्षेत्र के रायपुर का मझरा निवासी कल्लू, मुरादाबाद जनपद के थाना मूंढापांडे अंतर्गत धतुर्रा मेघानगला गांव निवासी मुकेश, उसका भाई बंटी, जनपद बदायूं के थाना मिठवा निवासी विक्की पंडित, बजरंदल के पूर्व जिला संयोजक छत्रपाल यादव और ज्वालानगर निवासी वसीउर्रहमान उर्फ शबलू को नामजद किया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई सेशन कोर्ट चल रही थी। बीते 10 अप्रैल को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने पत्रावली वास्ते निर्णय 22 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की थी। बुधवार को सभी आरोपी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश हुए। जहां अदालत ने सभी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सचिन अग्रवाल ने बताया कि अदालत ने अवधेश शर्मा, छत्रपाल यादव समेत सभी आठ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
ट्रायल के दौरान अनुराग शर्मा की हो गई थी हत्या
डबल मर्डर के इस चर्चित केस में नामजद आरोपी शिव सेना के जिला प्रमुख अनुराग शर्मा की केस के ट्रायल के दौरान ही किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उधर, चर्चित हत्याकांड में फैसला आते ही आरोपियों के चेहरे खुशी से खिल गए। अदालत से बाहर आने के बाद परिजनों से गले लगे और समर्थकों से हाथ मिलाकर खुशी जताई।
हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे: दान सिंह
दोहरे हत्याकांड में मारे गए आगापुर निवासी अजय यादव के भाई दान सिंह यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने विवेचना के दौरान बहुत ढिलाई बरती। हमने कई बार बयानों के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। आखिरकार, साक्ष्यों के अभाव में हत्यारोपियों को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। हम कोर्ट के इस फैसले को कानूनी तौर पर हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और अपील करेंगे। इसके लिए कानूनविदों से सलाह-मशवरा किया जा रहा है।
घटना को साबित कराने में फेल हुआ अभियोजन
सिविल लाइंस के इस चर्चित दोहरे हत्याकांड में अभियोजन पक्ष घटना को साबित कराने में नाकाम रहा। पीड़ित पक्ष और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की मानें तो जो साक्ष्य पुलिस ने जुटाए थे, अभियोजन पक्ष उन साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी भी नहीं जोड़ सका।




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