सिर्फ 2 दिन का गैस सिलेंडर स्टॉक; वंदेभारत और राजधानी के यात्रियों के भोजन पर संकट गहराया
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से रेल यात्रियों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है। आगरा कैंट से बनारस वंदेभारत और मुंबई राजधानी के लिए भोजन बनाने वाले आईआरसीटीसी बेस किचन में सिर्फ दो दिन का गैस स्टॉक बचा है। जल्द सिलेंडर नहीं मिले तो यात्रियों को भोजन मिलना मुश्किल हो सकता है।

रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के चपेटे में रेल यात्री भी आ गए हैं। आगरा कैंट से बनारस वंदेभारत और मुंबई राजधानी में भोजन चढ़ता है। भोजन सप्लाई करने वाले वेंडर के पास दो दिन ही गैस सिलेंडर का स्टॉक बचा है। यदि सिलेंडर का इंतजाम नहीं हुआ तो बनारस वंदेभारत और मुंबई राजधानी के यात्रियों को भूखा रहना पड़ सकता है। ईरान-अमेरिका/इजराइल युद्ध के चलते आगरा में एलपीजी की किल्लत हो गई है। खासकर वाणिज्यिक सिलेंडर की डिलिवरी बहुत कम हो गई है।
आगरा कैंट से बनारस वंदेभारत और मुंबई राजधानी में आईआरसीटीसी के अधिकृत वेंडर भोजन चढ़ाते हैं। बनारस वंदेभारत में प्रतिदिन 600 के करीब और मुंबई राजधानी में प्रतिदिन 700 से अधिक भोजन की थालियां यात्रियों के लिए चढ़ती हैं। एलपीजी की किल्लत से आईआरसीटीसी के बेस किचन पर सिलेंडर का स्टॉक खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। इस वजह से रेल यात्रियों के भोजन पर संकट खड़ा हो गया है।
2 दिन का ही सिलेंडर स्टॉक- IRCTC सूत्र
आईआरसीटीसी के सूत्र का कहना है कि बेस किचन पर दो दिन के सिलेंडर का स्टॉक बचा है। यदि कहीं से सिलेंडर नहीं मिले तो बनारस वंदेभारत और मुंबई राजधानी में यात्रियों को भोजन नहीं मिल सकेगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि आईआरसीटीसी व वेंडर दोनों सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। बेस किचन में इंडक्शन स्टोव पर खाना बनाना संभव नहीं है। इस वजह से सिलेंडर की आपूर्ति पर ही रेल यात्रियों का भोजन निर्भर हो गया है।
ऑनलाइन फूड डिलिवरी एजेंट ने बंद की डिलिवरी
इंटरनेट पर ऑनलाइन फूड डिलिवरी एजेंट भी एलपीजी संकट से परेशान हैं। आगरा कैंट स्थित एक फूड डिलिवरी एजेंट ने दो दिन से फूड डिलिवरी बंद कर दी है। ऑनलाइन आ रहे ऑर्डर लेना बंद कर दिया है। आगरा में करीब एक दर्जन डिलिवरी एजेंट ट्रेनों में यात्रियों को उनका पसंदीदा भोजन उपलब्ध कराते हैं। यदि संकट लंबा चला तो ट्रेनों में ऑनलाइन फूड डिलिवरी पूरी तरह ठप हो जाएगी।
स्टेशनों के बाहर भी खाना महंगा
आगरा कैंट स्टेशन के बाहर एक दर्जन से अधिक ढाबे व होटल हैं। अधिकांश फिलहाल ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे हैं। एक ढाबा संचालक का कहना है कि सिलेंडर डेढ़ गुना तक महंगा हो गया है। बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। इस वजह से खानपान के रेट बढ़ा दिए गए हैं। जब सिलेंडर की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी तो बढ़े हुए दाम वापस ले लिए जाएंगे।
फूड प्लाजा के अलावा ट्रेन के कोच पर जाकर पूड़ी-सब्जी बेचने वाले वेंडर भी एक-दो दिन में गायब हो सकते हैं। जिस किचन में पूड़ी-सब्जी व तला हुआ भोजन बनता है, वहां एलपीजी सिलेंडर का संकट गहरा गया है। किचन संचालक विपुल का कहना है कि दो दिन से ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे हैं, परंतु पुराने रेट पर ही पूड़ी-सब्जी बिक रही है। यह लंबे समय तक नहीं चल सकेगा। यदि निरंतर घाटा होगा तो किचन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
फूड प्लाजा पर भी खानपान का संकट
ट्रेनों के साथ-साथ आगरा कैंट व आगरा फोर्ट स्टेशन पर स्थित फूड प्लाजा पर भी खानपान का संकट खड़ा हो गया है। आगरा कैंट स्थित फूड प्लाजा के एक सूत्र ने बताया कि अभी उनके पास पर्याप्त सिलेंडर हैं। यदि संकट लंबा चला तो सिलेंडर न होने के चलते फूड प्लाजा को बंद करना पड़ेगा। आगरा फोर्ट स्थित फूड प्लाजा की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। वहां भी स्टॉक खत्म होने के बाद यदि सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई तो वहां भी ताला लग सकता है।




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