महिलाओं को समान अवसर मिले बिना समग्र विकास संभव नहीं
Gangapar News - सैदाबाद। जब तक समाज में महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता

जब तक समाज में महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, तब तक समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी रहेगी। उक्त बातें बाजार स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो आशीष जोशी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में कही। कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है, जो समाज में समानता, न्याय एवं सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करेगा। प्रो जोशी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति परिवर्तन की सबसे बड़ी वाहक है, अतः वे इस अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रोवर-रेंजर्स के संयुक्त तत्वावधान में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया व नारी शक्ति पदयात्रा निकाली गई,जिसमें महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि,रोवर-रेंजर्स एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। नारी शक्ति पदयात्रा को महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो आशीष जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नारी शक्ति पदयात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं ने आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर आमजन को अधिनियम के प्रावधानों एवं उसके महत्व से अवगत कराया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने महिला सशक्तिकरण से संबंधित प्रभावशाली नारे लगाए तथा हाथों में तख्तियां लेकर उन पर अंकित संदेशों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता का प्रसार किया। जागरूकता अभियान के अंतर्गत शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए संबंधित मोबाइल नंबर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने मिस्ड कॉल देकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। साथ ही महाविद्यालय परिसर में नारी शक्ति दीवार की स्थापना की गई, जिसमें प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर करते हुए अधिनियम के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए।
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