Ganga is once again in a terrible state in Varanasi-Prayagraj, there is a long wait for cremation वाराणसी-प्रयागराज में फिर गंगा विकराल, काशी में श्मशान घाटों पर शवदाह के लिए भी लंबा इंतजार, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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वाराणसी-प्रयागराज में फिर गंगा विकराल, काशी में श्मशान घाटों पर शवदाह के लिए भी लंबा इंतजार

वाराणसी और प्रयागराज में एक बार फिर गंगा तेजी से बढ़ रही हैं। दोनों जिलों मे जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। इस साल यह दूसरा मौका है जब गंगा ने चेतावनी बिंदु को पार किया है। इससे श्मशान पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है।

Wed, 27 Aug 2025 02:59 PMYogesh Yadav वाराणसी/प्रयागराज
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वाराणसी-प्रयागराज में फिर गंगा विकराल, काशी में श्मशान घाटों पर शवदाह के लिए भी लंबा इंतजार

वाराणसी और प्रयागराज में एक बार फिर गंगा विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। वाराणसी में बुधवार की सुबह गंगा ने चेतावनी बिंदु को पार कर लिया और खतरे के निशान की ओर बढ़ चली हैं। इससे अब बड़ी आबादी के जनजीवन पर असर पड़ रहा है। गंगा का पानी घाटों से गलियों की ओर आ गया है। श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवों को नावों से लेकर जाना पड़ रहा है। घाट के पास अंत्येष्टि स्थल डूब जाने से यहां बने प्लेटफॉर्म पर ही अंतिम संस्कार का विकल्प बचा है। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होने में पहले तीन से चार घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर गली में अंतिम संस्कार हो रहा है। गली में एक समय में अधिकतम तीन चिता ही लग पा रही है। ऐसे में यहां भी इंतजार करना मजबूरी बनी हुई है।

उधर प्रयागराज में बाढ़ का पानी अब निचले इलाकों में घुस गया है। इससे वहां के लोगो को अब अपने सामानों के साथ बाढ़ राहत शिविरों में जाना पड़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटा बघाड़ा, बेली कछार, राजापुर, के निचले इलाकों में पानी आ गया है, जिससे वहाँ पर रहने वालों को काफी दक्कितों का सामना करना पड़ रहा है। बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 260 सेंटीमीटर और छतनाग में 104 सेंटीमीटर बढ़ा,जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 97 सेंटीमीटर बढ़ा है।

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गंगा नदी का पानी लगभग 11 सेंटीमीटर प्रति घंटा और यमुना नदी का पानी 4.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। दोनों नदियां डेंजर लेवल 84.734 से बमुश्किल एक मीटर नीचे बह रही हैं। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम से लगातार जलस्तर की मॉनीटरिंग की जा रही है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की गई है। वहीं, जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ राहत शिविरों में लोगों के रहने के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई है और अब धीरे धीरे बाढ़ पीड़ित राहत शिविरों में आने भी लगे है।

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