Rain breaks four decade old record in Varanasi, after 38 years it rained so much in one day वाराणसी में बारिश ने तोड़ा चार दशक का रिकॉर्ड, 38 साल बाद एक दिन में इतना बरस गए बदरा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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वाराणसी में बारिश ने तोड़ा चार दशक का रिकॉर्ड, 38 साल बाद एक दिन में इतना बरस गए बदरा

वाराणसी में शुक्रवार से शनिवार के बीच बारिश ने चार दशक बाद का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एक दिन में इतनी ज्यादा बारिश 38 साल पहले हुई थी। पूरी रात बारिश ने शहर में जगह-जगह जलजमाव कर दिया। जो इलाके पूरे बारिश के सीजन में नहीं डूबे थे, वह शनिवार की सुबह डूबे-डूबे दिखाई दिए।

Sat, 23 Aug 2025 10:10 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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वाराणसी में बारिश ने तोड़ा चार दशक का रिकॉर्ड, 38 साल बाद एक दिन में इतना बरस गए बदरा

वाराणसी में बारिश ने करीब चार दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विज्ञान कार्यालय के अनुसार 38 साल बाद एक दिन में बनारस में इतनी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे पहले 12 अगस्त 1987 को 165 एमएम बारिश हुई थी। हालांकि वह रिकॉर्ड नहीं टूट पाया। एक जून से अब तक 83 दिनों में कुल 791.7 एमएम बारिश हुई है। यह औसत से 41 फीसदी अधिक है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 जून से 15 सितंबर तक मानसून का सीजन माना जाता है। इस दौरान बनारस में 926.1 एमएम औसत बारिश का अनुमान है। बाबतपुर मौसम कार्यालय प्रभारी डॉ. मनीष राय ने बताया कि एक जून से 23 अगस्त तक औसत रूप से 560.9 एमएम बारिश होनी चाहिए लेकिन अब तक 791.7 एमएम बारिश हुई है। यानी औसत से 41 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है।

बाबतपुर मौसम कार्यालय के अनुसार सिर्फ अगस्त में 378.8 एमएम बारिश हुई है। वहीं बीएचयू कार्यालय के अनुसार 334.8 और राजघाट कार्यालय के अनुसार 270 एमएम बारिश हुई है। अगस्त महीने में अभी सात दिन शेष है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगे भी अच्छी बारिश के आसार दिख रहे हैं।

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धान की फसल को मिली संजीवनी

चिरईगांव। पिछले कुछ दिनों से अपेक्षा के अनुरूप बरसात नहीं होने से मुरझा रही धान की फसल को शुक्रवार रात हुई बारिश ने संजीवनीदी है। कृषि विशेषज्ञ देवमणि त्रिपाठी ने बताया कि विगत दो दिनों से हो रही बारिश से खरीफ फसलों खास तौर से धान ज्वार, बाजरा ,मक्का और अरहर को लाभ पहुंचेगा। हालांकि हरी सब्जियों की फसलों को आंशिक क्षति हो सकती है। ऐसे में किसान भाई मौसम साफ होते ही सब्जियों की फसलों पर फफूंदानाशी दवाओं के साथ ही कीटनाशी दवाओं का छिड़काव जरूर करें। जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्या ने बताया कि किसान यूरिया के स्थान पर अमोनियम सल्फेट का अधिक से अधिक प्रयोग करें, इसमें नाइट्रोजन के साथ सल्फर भी पाया जाता। इसमें पाया जाने वाला नाइट्रोजन ज्यादा स्थाई होती खेत में इसका प्रभाव ज्यादा दिनों तक बना रहता है। इससे फसल उत्पादन, मिट्टी की उर्वरता और समग्र कृषि लाभ के लिए अत्यंत उपयोगी है।

वाराणसी में भारी बारिश

इस सीजन में एक दिन में सर्वाधिक बारिश

- 01 जुलाई 86.4 एमएम

- 03 जुलाई 87.6 एमएम

- 14 जुलाई 91.2 एमएम

- 08 अगस्त 86.3 एमएम

- 23 अगस्त 162.0 एमएम

मौसम कार्यालय के अनुसार

1888 से 2025 तक सर्वाधिक बारिश

वर्ष बारिश

1940 321.6 (बीएचयू)

2008 233.6 (बीएचयू )

1987 165.0 (बाबतपुर)

2025 162.0 (बाबतपुर)

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार

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