गंगा में बहा पीपा, वाराणसी से चंदौली तक सभी पुलों पर रोका गया यातायात, ट्रेनें भी रोकी गईं
वाराणसी में भीषण बाढ़ के बीच मंगलवार की रात पीपा पुल बहने से अफरातफरी मच गई। पीपा पुल के बहने की सूचना मिलते ही वाराणसी से चंदौली तक गंगा पर स्थित सभी पुलों पर यातायात के साथ ही मालवीय पुल से गुजरने वाली ट्रेनों को भी रोक दिया गया।

वाराणसी में भीषण बाढ़ के बीच मंगलवार की देर शाम पीपा पुल बहने से हड़कंप मच गया। वाराणसी और चुनार के बीच गंगा के तेज बहाव में पीपा के बहने की सूचना मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई। तत्काल वाराणसी से चंदौली तक गंगा पर बने सभी पुलों पर यातायात रोक दिया गया। वाराणसी के मालवीय पुल से गुजरने वाली ट्रेनों को भी अलग अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। पीपा के मालवीय पुल से निकलने के बाद ट्रैफिक तो चालू कर दिया गया लेकिन ट्रेनों को चलाने से पहले अधिकारी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे हैं। इनकी हरी झंडी के बाद ही ट्रेनों को पुल से रवाना किया गया। फिलहाल रात 11 बजे तक पीपा को रोका नहीं जा सका था। चंदौली के बाद गाजीपुर और बलिया की पीपा बह गए हैं।
मंगलवार की शाम भीषण बाढ़ के खतरे के बीच वाराणसी में गंगा पर बने सभी पुलों पर अचानक यातायात रोक देने से शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया। वाहन जहां थें वहीं रोक दिए गए। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। काफी देर बाद पता चला कि वाराणसी और चुनार के पीछ बांधे गए पीपा गंगा में बहने लगे हैं। गंगा की तेज धारा में बहते हुए रामनगर से वाराणसी के घाटों की तरफ आ रहे हैं।
तेज बहाव के बीच बह रहे भारी भरकम पीपा के किसी पुल के खंभे से टकराने और उसके बाद होने वाली किसी अनहोनी को रोकने के लिए फौरी तौर पर सबसे पहले सभी पुलों पर यातायात रोकने का आदेश जारी किया गया। आदेश जारी होते ही वाराणसी के डाफी पर स्थित विश्वसुंदरी गंगा पुल, सामने घाट गंगा पुल और राजघाट में स्थित मालवीय पुल पर यातायात को रोक दिया गया। मालवीय पुल से गुजरने वाली ट्रेनों को भी अलग अलग स्टेशनों पर रोका गया। वाराणसी में गंगा के घाट अर्धचंद्राकार होने के कारण पीपा वहां खड़ी नावों या क्रूज से टकराने की आशंका भी पैदा हो गई। हालांकि ऐसा नहीं हो सका।
रेलवे ने भी पीपा के बहने की सूचना मिलते ही मालवीय पुल की तरफ आ रही ट्रेनों को अलग अलग स्टेशनों पर रोकने का आदेश जारी कर दिया गया। पांच ट्रेनों नीलाचल, हिमगिरि, बरौनी-गोंदिया, दुर्गियाना और गंगा-सतलज एक्सप्रेस को वाराणसी कैंट, शिवपुर और व्यासनगर स्टेशनों पर रोक दिया गया। इसी बीच सभी पीपा मालवीय पुल के नीचे से बहते हुए चंदौली की तरफ निकल गए तो यातायात तत्काल चालू कर दिया गया लेकिन रेल मार्ग बंद ही रहा। रेलवे इंजीनियरिंग, परिचालन, स्थायी पथ विभाग के अफसर मालवीय पुल पर पहुंचे। पुल को कोई क्षति नहीं होने की तस्दीक होने के बाद रात 10.30 बजे पुल का फिटनेस लेकर ट्रेनों को रवाना किया गया।
फिलहाल सभी पीपा मालवीय पुल को पार करते हुए चंदौली के बलुआ घाट की ओर निकल गए। ऐसे में प्रशासन ने चंदौली, गाजीपुर और बलिया जिलों के अधिकारियों को भी सतर्क कर दिया है।
चंदौली में भी गंगा के दो पुलों से आवागमन बंद
वहीं, वाराणसी के बाद चंदौली में भी गंगा पर बने बलुआ और तिरगांवा के पुलों पर आवागमन बंद कर दिया गया। बलुआ इंस्पेक्टर डॉ आशीष मिश्र ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग लगाकर फिलहाल आवागमन बंद किया गया है। पुल पर संचालन बंद होने से चंदौली से वाराणसी और सैदपुर गाजीपुर आने जाने वालो के सामने संकट खड़ा हो गया था। लोग पहले समझ नहीं सके कि ऐसा क्यों किया गया है।




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