गेल गैस का 'फोर्स मेजर क्लॉज' एक्टिवेट: ईरान-इजराइल युद्ध का असर, रुक सकती है सप्लाई
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण गेल गैस ने फिरोजाबाद की औद्योगिक इकाइयों के लिए 'फोर्स मेजर क्लॉज' सक्रिय कर दिया है। इससे कंपनी को आपात स्थिति में गैस सप्लाई रोकने का कानूनी अधिकार मिल गया है। फिलहाल सप्लाई जारी है, लेकिन भविष्य में कटौती की आशंका बनी हुई है।

UP News:ईरान-इजराइल में जारी युद्ध की विभीषण परिस्थितियों के बीच भारत की प्रमुख गैस कंपनी गेल गैस लिमिटेड (Gail Gas Limited) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने औद्योगिक इकाइयों के साथ किए गए नेचुरल गैस अनुबंध (Contract) के 'फोर्स मेजर क्लॉज' (Force Majeure Clause) को एक्टिवेट कर दिया है। इस फैसले के बाद अब कंपनी को आपातकालीन स्थिति में गैस की सप्लाई को कम करने या पूरी तरह रोकने का वैधानिक अधिकार मिल गया है। इस सूचना के बाद फिरोजाबाद के कांच उद्यमियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यहाँ का पूरा उद्योग प्राकृतिक गैस (RLNG) पर ही टिका हुआ है।
क्या है फोर्स मेजर क्लॉज और क्यों लिया गया फैसला?
फोर्स मेजर क्लॉज एक कानूनी प्रावधान है जिसे 'दैवीय विधान' या 'अप्रत्याशित परिस्थिति' भी कहा जाता है। इसके तहत यदि युद्ध, प्राकृतिक आपदा, दंगा या कोई अन्य असामान्य स्थिति पैदा होती है, तो कंपनी अनुबंध की शर्तों को पूरा करने के दायित्व से मुक्त हो जाती है। गेल गैस लिमिटेड ने कांच नगरी के उद्यमी संगठनों को ईमेल के माध्यम से आधिकारिक पत्र भेजकर इस क्लॉज के एक्टिवेट होने की जानकारी दी है।
कंपनी का मानना है कि गल्फ क्षेत्र और ईरान में छिड़ी जंग के कारण वैश्विक स्तर पर गैस की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित हो सकती है। चूंकि भारत अपनी आरएलएनजी (RLNG) आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक मध्य पूर्व के देशों पर निर्भर है, इसलिए भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी कमी से निपटने के लिए यह सुरक्षात्मक कदम उठाया गया है।
उद्यमियों को दी गई समय पर सूचना की गारंटी
ईमेल में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में सप्लाई सामान्य है, लेकिन भविष्य में युद्ध की स्थिति जैसी होगी, उसी के अनुरूप उच्च स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। गैस कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि सप्लाई में कटौती या पूर्ण बंदी की नौबत आती है, तो प्रत्येक उपभोक्ता इकाई को समय रहते सूचित किया जाएगा ताकि वे अपने कारखानों और भट्टियों (Furnaces) को सुरक्षित स्थिति में ला सकें।
अधिकारियों का पक्ष: "फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं"
इस संवेदनशील मुद्दे पर गेल गैस लिमिटेड के आगरा परिक्षेत्र के चीफ जनरल मैनेजर, आशीष यादव ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक वैधानिक प्रक्रिया है जो वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपनाई गई है। उन्होंने कहा, "मिडल ईस्ट में ईरान और इजरायल के मध्य चल रहे युद्ध को देखते हुए उच्च प्रबंधन ने फोर्स मेजर क्लॉज एक्टिवेट करने का निर्णय लिया है। अभी तक किसी भी औद्योगिक इकाई के गैस कोटे में कोई कटौती नहीं की गई है। उद्यमियों को फिलहाल परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।"
हालांकि, कांच उद्यमियों का मानना है कि यदि भविष्य में गैस सप्लाई रुकती है, तो फिरोजाबाद के चूड़ी और कांच उद्योग को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि यहाँ की भट्टियां एक बार ठंडी होने पर दोबारा चालू करने में भारी खर्च और समय लगता है।




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