जीएसटी छापेमारी के तनाव में तंबाकू कारोबारी ने दी जान, 30 लाख का लग गया था जुर्माना
वाराणसी के चेतगंज में तंबाकू कारोबारी राजेश चौरसिया ने फांसी लगाकर जान दे दी। 2024 में हुई जीएसटी छापेमारी में उन पर 30 लाख का जुर्माना लगा था, जिसे इस साल जमा करना था। तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

Varanasi News: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां के लहंगपुरा इलाके में शनिवार सुबह 53 वर्षीय तंबाकू व्यवसायी राजेश चौरसिया ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान पर हुई जीएसटी (GST) की छापेमारी और उसके बाद थोपे गए भारी-भरकम जुर्माने के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
झाड़ू लेने कमरे में पहुंचे भाई, तो रह गए दंग
राजेश चौरसिया अपने पांच भाइयों के साथ एक ही पुश्तैनी मकान में रहते थे। शनिवार सुबह तक घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। सुबह करीब 7:30 बजे उनकी अपने भतीजे दीपक से सामान्य बातचीत भी हुई थी। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए। लगभग दो घंटे बाद, सुबह 9:30 बजे उनके बड़े भाई राकेश चौरसिया किसी काम के लिए झाड़ू लेने राजेश के कमरे में पहुँचे। दरवाजा खोलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; राजेश का शव छत की कुंडी से फंदे के सहारे लटक रहा था।
परिजनों ने आनन-फानन में फंदा काटकर उन्हें नीचे उतारा और बचाने की कोशिश में सीपीआर (CPR) भी दिया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। पास के चिकित्सक के पास ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही चेतगंज पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
जीएसटी छापा और 'अकाउंटेंट की धोखाधड़ी'
राजेश चौरसिया सिगरेट और पान-मसाले के थोक कारोबारी थे। उनके भतीजे दीपक ने पुलिस को बताया कि साल 2024 में जीएसटी विभाग ने उनके यहां छापेमारी की थी, जिसमें करीब 30 लाख रुपये की कर चोरी का दावा किया गया था। परिजनों का कहना है कि यह कर चोरी राजेश ने जानबूझकर नहीं की थी, बल्कि उनके अकाउंटेंट ने अपने निजी स्वार्थ के लिए कागजी हेरफेर और वित्तीय गड़बड़ियां की थी।
इस साल उन्हें जुर्माने की यह भारी राशि कोर्ट में जमा करनी थी। आर्थिक तंगी और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लगने के कारण वह भीतर ही भीतर टूट चुके थे। शनिवार को इसी तनाव ने उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
परिजनों में शोक, मणिकर्णिका पर अंतिम संस्कार
चेतगंज थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुंबई में नौकरी करने वाले उनके बेटे हेंसी चौरसिया ने पिता को मुखाग्नि दी। उनकी बेटी दिल्ली में कार्यरत है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली और व्यापारियों के उत्पीड़न को लेकर रोष व्यक्त किया है।




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