कॉलोनी में गरजने लगे 5 बुलडोजर, 8 घंटे तक चली कार्रवाई; ध्वस्त हो गए 21 मकान
यूपी की राजधानी लखनऊ में अवैध कॉलोनी में पांच बुलडोजर चले। इससे हड़कंप मच गया। इस दौरान कॉलोनी में बनाये गये 21 रो-हाउस भवनों को जमींदोज कर दिया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सोमवार को अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमौसी एयरपोर्ट के पीछे बनी अवैध कॉलोनी पर पांच बुलडोजर चले। इससे हड़कंप मच गया। इस दौरान निजी बिल्डर द्वारा कॉलोनी में बनाये गये 21 रो-हाउस भवनों को जमींदोज कर दिया गया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने की। 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 21 मकानों को गिराया गया।
प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि बिजनौर थानाक्षेत्र में अमौसी एयरपोर्ट के पीछे बिल्डर राधेश्याम ओझा व अन्य द्वारा लगभग 5,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करते हुए 21 रो-हाउस भवनों का निर्माण कराया गया था। प्राधिकरण से ले-आउट व मानचित्र स्वीकृत कराये बिना किये जा रहे उक्त अवैध निर्माण के विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा वाद योजित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये थे। इस बीच बिल्डर ने विहित प्राधिकारी न्यायालय के आदेश के खिलाफ माननीय आयुक्त न्यायालय और फिर माननीय उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की, जहां से बिल्डर को किसी भी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने उक्त प्रकरण में तत्काल अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। जिसके अनुपालन में सोमवार को प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी विराग करवरिया के नेतृत्व में अवर अभियंता विपिन बिहारी राय एवं दिनेश वर्मा समेत टीम ने मौके पर अभियान चलाया। जोनल अधिकारी विराग करवरिया ने बताया कि बिल्डर द्वारा स्थल पर 21 रो-हाउस भवनों का निर्माण कराया गया था। करीब 8 घंटे तक चली कार्रवाई में 5 जेसीबी की मदद से सभी अवैध रो-हाउस भवनों को ध्वस्त कर दिया गया।
जिन मकानों को गिराया गया वहां सीलिंग के दौरान बिल्डर ने किया था काफी हंगामा
जिन मकान को गिराया गया है इनको सीलिंग के लिए 6 महीने पहले प्राधिकरण का दस्ता गया था। बिल्डर और उसके समर्थकों ने अधिकारियों से काफी अभद्रता की। गाली गलौज किया था। तत्कालीन जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी को मारने की भी कोशिश की थी। अब प्राधिकरण के नए जोनल अधिकारी ने 21 मकान को गिरा दिया।
अभी और बने हैं मकान
यहां अभी और भी मकान बने हुए हैं। अभी उन्हें नहीं गिराया गया है। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही बचे हुए मकान भी गिराए जाएंगे।




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