लखनऊ में नए यूपी विधान भवन निर्माण की तैयारियां तेज, योगी सरकार ने तय कर दीं जिम्मेदारियां
नए यूपी विधान भवन के निर्माण की कवायद तेज हो गयी है। इसे भव्य, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा। योगी सरकार ने इसके लिए जिम्मेदारियां तय कर दी हैं।

राजधानी लखनऊ में नए यूपी विधान भवन के निर्माण की कवायद तेज हो गयी है। इसे भव्य, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाएगा। योगी सरकार ने सहारा शहर से खाली कराई गई भूमि पर नए विधान भवन के निर्माण की योजना बनायी है। आवास विभाग की देखरेख में लोक निर्माण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
राज्य सम्पत्ति विभाग की ओर से नए विधान भवन के निर्माण को लेकर 23 दिसंबर को भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक बुलाई थी। नए विधान भवन के स्वरूप, डिजाइन और भूमि चयन से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत मंथन किया गया है।
आवास विभाग नोडल, पीडब्ल्यूडी को मिशन मोड की जिम्मेदारी
नए विधान भवन और सचिवालय परिसर के निर्माण व विकास के लिए शासन ने विभागीय जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को इस परियोजना का नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं लोक निर्माण विभाग को एक मुख्य अभियंता के नेतृत्व में विशेष कार्य इकाई गठित कर परियोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर हुई है बात
सहारा शहर से खाली कराई गई भूमि सहित अन्य संभावित स्थलों पर बात हुई। सहारा की जमीन को अंतिम विकल्प माना गया है। इसकी विधिक स्थिति की भी जानकारी ली गयी है।
स्वरूप और डिजाइन को लेकर भी बात हुई है। नए विधान भवन का आधुनिक, भव्य और तकनीक-संपन्न वास्तुशिल्प होगा
नोडल विभाग आवास और पीडब्ल्यूडी के बीच स्पष्ट कार्ययोजना और समयसीमा तय करने पर बात हुई थी।
अब इसके लिए तेजी से काम करने की तैयारी
योगी सरकार ने पहले ही इसके निर्माण की मंजूरी दी है। अब इसे तेजी से धरातल पर उतारने की तैयारी है। शासन में हुई बैठक में कई विभागों के अधिकारी शामिल रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को सभी आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा निर्माण
अधिकारियों का कहना है कि नया विधान भवन केवल एक प्रशासनिक इमारत नहीं होगा, बल्कि यह आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल तकनीक, सुरक्षा मानकों और भविष्य में बढ़ने वाली विधानसभा सदस्य संख्या को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। नए विधान भवन के निर्माण से राजधानी लखनऊ को एक और प्रतिष्ठित पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




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