पड़ोसी की हरकतों से परेशान विवाहिता ने उठाया खौफनाक कदम, असहाय बने रहे ससुराली और मायके वाले
यूपी के फिरोजाबाद में एक विवाहिता ने पड़ोसी युवक की हरकतों से तंग आकर जान दे दी है। परिजनों का आरोप है कि युवक के पिता से शिकायत करने के बावजूद उसने अपने बेटे को नहीं रोका।

UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 23 वर्षीय विवाहिता ने पड़ोसी युवक की हरकतों और लगातार की जा रही प्रताड़ना से तंग आकर खौफनाक कदम उठाया है। युवक के खिलाफ मायके वालों और ससुरालियों दोनों जगह शिकायत की। परिजनों ने युवक के पिता से शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ। परिजन भी युवक के आगे असहाय बने रहे। अततः विवाहिता ने परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उसने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार पड़ोसी युवक को ठहराया है। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह है कि विवाहिता का परिवार और ससुराल वाले सब कुछ जानते हुए भी उसे बचाने में असहाय साबित हुए।
पांच साल का सुखी वैवाहिक जीवन और फिर पड़ोसी का साया
थाना नगला सिंघी के गढ़ी चैना भीकनपुर बझेरा निवासी दयावती (23) की शादी पांच साल पहले बसई मोहम्मदपुर निवासी संतचरन के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद दयावती अपनी ससुराल में बेहद सुख-शांति के साथ रह रही थी। लेकिन पिछले कुछ समय से पड़ोस में रहने वाले युवक सोनू पुत्र मोहर सिंह की बुरी नजर उस पर पड़ गई। सोनू लगातार दयावती का पीछा करता था और उसे अपनी हरकतों से परेशान करने लगा था।
शिकायत के बाद भी नहीं रुका आरोपी, पिता ने भी दिया साथ
दयावती ने इस प्रताड़ना के बारे में अपने ससुराल वालों और मायके वालों को विस्तार से बताया था। बेटी की गृहस्थी और सम्मान बचाने के लिए उसके परिजनों ने आरोपी सोनू के पिता मोहर सिंह से मुलाकात की। उन्होंने मिन्नतें कीं और चेतावनी भी दी कि वह अपने बेटे को रोके ताकि उनकी बेटी शांति से जी सके। लेकिन आरोप है कि मोहर सिंह ने अपने बेटे को सुधारने के बजाय उसकी हरकतों को नजरअंदाज किया। जब रक्षक ही भक्षक के समर्थन में आ गया, तो आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए।
सुसाइड नोट में छलका दर्द, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज
लगातार होती मानसिक प्रताड़ना और समाज में बदनामी के डर से घबराई दयावती ने सोमवार दोपहर को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने सोनू को अपनी मौत का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है। दयावती के पिता रामरतन ने इस मामले में सोनू और उसके पिता मोहर सिंह के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पिता का कहना है कि यदि मोहर सिंह ने शिकायत पर अपने बेटे को रोक लिया होता, तो आज उनकी बेटी जिंदा होती।
इस मामले में एक खास बात यह रही कि मृतका के पिता ने अपनी बेटी के ससुराल वालों का पूरा समर्थन किया है। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में साफ कहा कि दयावती की मौत में उसके पति या ससुराल के किसी भी सदस्य का कोई दोष नहीं है। वे सभी दयावती की परेशानी में उसके साथ थे, लेकिन पड़ोसी की गुंडागर्दी के सामने सभी असहाय हो गए। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार पिता-पुत्र की तलाश में छापेमारी कर रही है।




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