3200 करोड़ के अवैध लेनदेन का मास्टरमाइंड फिरोज गिरफ्तार, कई अफसरों से मिलीभगत कबूली
कानपुर में फर्जी फर्मों से 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के मामले में महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का साथी और सरगना फिरोज खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से पूछताछ के लिए पकड़ा था।

UP News: यूपी के कानपुर में फर्जी फर्मों से 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के मामले में महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का साथी और सरगना फिरोज खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से पूछताछ के लिए पकड़ा था। चकेरी थाने में पूछताछ के दौरान उसने कई जीएसटी अफसरों से मिलीभगत की बात कबूल की है। आरोपी जीएसटी का अधिवक्ता है। महफूज अली की गिरफ्तारी के बाद से वह फोन बंद कर फरार था। मामले में महफूज, उसके बेटे और साले समेत पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
श्यामनगर चौकी के पास 16 फरवरी 2026 की रात मो. वासिद और अरशद से मारपीट कर 24 लाख रुपयों की लूट हुई थी। पीड़ितों ने पहले लूट की सूचना दी, लेकिन बाद में मुकर गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो घटना की पुष्टि हुई। चकेरी पुलिस ने लूट की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो पुलिस को जाजमऊ के महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का पता चला। माल रोड स्थित आईडीबीआई बैंक के अकाउंट से उस दिन महफूज ने 3.20 करोड़ रुपये निकाले थे।
टाटमिल पर रुपयों का बंटवारा करने के बाद बचे हुए 24 लाख रुपये मो. वासिद और अरशद जाजमऊ में महफूज अली को देने जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि महफूज ने रिश्तेदारों के नाम पर 12 बैंकों में 68 खाते खुलवाए और करीब ढाई साल में 1600 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया। पुलिस को कई और पैन कार्ड मिले जिसके आधार पर ट्रांजेक्शन बढ़कर करीब 3200 करोड़ तक पहुंच गया। इसी कड़ी में जीएसटी के वकील फिरोज खान का नाम सामने आया। फिरोज से पुलिस ने पूछताछ की, जिसके बाद वह फरार हो गया। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि फिरोज इस पूरे प्रकरण की मुख्य कड़ी और सरगना है।
आरोप है कि उसने अपने ड्राइवर के नाम पर भी फर्म खुलवाई और करोड़ों का लेनदेन किया। इस मामले में पुलिस ने उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया तो वह मोबाइल बंद करके फरार हो गया। गुरुवार को पुलिस को उसके प्रयागराज हाईवे पर होने की सूचना मिली तो उसे पूछताछ के लिए चकेरी थाने लाया गया। पांच घंटे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस म्यूल खातों और बोगस फर्मों की जांच में सामने आए नूर आलम, संजीव दीक्षित, शीबू और रिजवान की तलाश कर रही है।
महफूज के बेटे फैज की तलाश में दबिश
पुलिस आयुक्त ने बताया कि महफूज के बेटे फैज की तलाश में टीमें लगी हैं। जांच में पता चला है कि उसके नाम पर भी फर्में थीं जिनसे करोड़ों का ट्रांजेक्शन हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि महफूज के साथ फैज नेपाल में एक करोड़ रुपये की डिलीवरी देने गया था। बहरहाल, इसकी सरगर्मीं से तलाश की जा रही है। जल्द इसे पकड़ा जाएगा।
स्क्रैप, टेनरी व स्लॉटर हाउस समेत 128 फर्मों को नोटिस
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि इस मामले में स्क्रैप कारोबारी, टेनरी व स्लॉटर हाउस संचालकों समेत 128 फर्में जांच में सामने आयीं थीं। इन सभी को नोटिस भेजा गया है। कुछ के जवाब आए हैं लेकिन पुलिस उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। दरअसल बोगस फर्म में पैसा भेजने और निकालने का कारण यह लोग नहीं बता पा रहे हैं। ऐसे में पुलिस आने वाले समय में कई और बड़ी गिरफ्तारियां कर सकती है। मामले में जांच के साथ ही कार्रवाइयां जारी हैं।
बीमा व अन्य योजनाओं के नाम पर लेता था दस्तावेज
चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि जीएसटी वकील फिरोज खान आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूरों को बीमा कराने व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर दस्तावेज लेता था। उन दस्तावेजों पर सिम निकलवाता था और बैंक खाते व फर्में खुलवाता था। उन खातों व फर्मों में स्लाटर हाउस संचालक, स्क्रैप कारोबारियों की रकम मंगवाई जाती थी। फिर खातों से नकद के रूप में कमीशन काटकर रुपये वापस किए दिए जाते थे।




साइन इन