फ्री फायर गेम की ID के चक्कर में लूट गया 11वीं का छात्र, बाप के खाते से उड़ाए 2.96 लाख
गोरखपुर में ऑनलाइन गेम फ्री फायर की आईडी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने छात्र से 2.96 लाख रुपये ठग लिए। गेम की लत के चलते छात्र चोरी-छिपे अपने पिता के बैंक खाते से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करता रहा। मामला सामने आने पर छात्र के पिता ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी है।

UP News: यूपी के गोरखपुर में ऑनलाइन गेम फ्री फायर की आईडी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 11वीं के छात्र से 2.96 लाख रुपये ठग लिए। गेम की लत के चलते छात्र चोरी-छिपे अपने पिता के बैंक खाते से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करता रहा। मामला सामने आने पर छात्र के पिता ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें पैसे भेजे गए थे।
रामगढ़ताल क्षेत्र के पाम पैराडाइज के रहने वाले ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके बैंक खाते से अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपये कट गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके 16 वर्षीय बेटे ने यह रकम ट्रांसफर की थी। छात्र ने बताया कि वह फ्री फायर गेम खेलता था और गेम की आईडी लेने के लिए उसकी कुछ लोगों से मोबाइल पर बातचीत हुई। आरोपियों ने उसे गेम आईडी उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उससे लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी राशीद खान ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
कॉल कर दिया झांसा
पीड़ित के मुताबिक, 7 मार्च को छात्र के पास पुष्पेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति की कॉल आई। उसने फ्री फायर गेम की आईडी दिलाने का झांसा देकर पैसे मांगे। छात्र ने पिता के खाते से गूगल पे के माध्यम से करीब 1.55 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए। इसके बाद छात्र की पहचान कुनाल नामक युवक से हुई। कुनाल ने भी गेम आईडी दिलाने का भरोसा देकर 85 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। उसने एक आईडी भेजी, जो छात्र के पास मौजूद है। इसी दौरान 23 अप्रैल को छात्र की बातचीत विनीत कुमार मिश्रा नाम के व्यक्ति से हुई। उसने भी आईडी के नाम पर 56 हजार रुपये की मांग की। छात्र ने बताए गए खाते में रकम भेज दी। इस तरह गेम आईडी के लालच में छात्र से कुल 2.96 लाख रुपये ठग लिए गए।
बचाव के तरीके
पैरेंटल कंट्रोल ऑन करें: गूगल प्ले स्टोर > सेटिंग्स > पैरेंटल कंट्रोल से इन-ऐप परचेज पर पासवर्ड लगाएं।
कार्ड सेव न करें: फोन-पे, गूगल-पे या गेम में डेबिट/क्रेडिट कार्ड सेव न रखें। हर बार मैन्युअल डालें।
ओटीपी कभी शेयर न करें: गेम कंपनी कभी फोन कर ओटीपी नहीं मांगती। कोई मांगे तो तुरंत कॉल काटें।
बच्चों से खुलकर बात करें: उन्हें बताएं कि ‘फ्री डायमंड’ जैसा कुछ नहीं होता। हर हफ्ते बैंक स्टेटमेंट चेक करें।
ठगी हो जाए तो तुरंत करें
9030 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। पहले एक घंटे में रिपोर्ट करने पर पैसा रिकवर होने के चांस 70% तक बढ़ जाते हैं।




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