10 हजार में इंस्पेक्टर, एक लाख में थाना; वीडियो वायरल होते ही सपा नेता पर पुलिस का एक्शन
आगरा में खुद को सपा नेता बताने वाले एक युवक ने रील के चक्कर में पुलिस महकमे की ही 'कीमत' लगा दी। इंस्टाग्राम पर 'थाना खरीदने' का वीडियो डाल दिया। अब पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसकी फाइल खोल दी है।

आजकल सोशल मीडिया पर वीडियो यानी 'रील' बनाने का बुखार युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन कभी-कभी 'लाइक्स' और 'फॉलोअर्स' की भूख जेल की सलाखों तक पहुंचा देती है। ताजनगरी आगरा में एक कथित सपा नेता को अपनी दबंगई दिखाना उस वक्त भारी पड़ गया, जब उन्होंने सीधे पुलिस महकमे की ही बोली लगा दी। इंस्टाग्राम पर वायरल हुई एक रील में दस हजार में इंस्पेक्टर और एक लाख में थाना खरीदने का दावा करने वाले इस नेताजी पर अब कानूनी शिकंजा कस गया है। पुलिस ने न केवल मुकदमा दर्ज किया है, बल्कि उनके रसूख को सड़क पर लाने की तैयारी भी कर ली है।
बिना नंबर की कार और 'खरीद-फरोख्त' का दावा
मामला आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र का है। यहां एंथम कॉलोनी निवासी दामा यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक रील साझा की। इस वीडियो में वह समाजवादी पार्टी का झंडा लगी एक बिना नंबर प्लेट की लग्जरी कार में सवार नजर आ रहे हैं, जिसके पीछे कारों का एक बड़ा काफिला चल रहा है। रील के बैकग्राउंड में किसी फिल्म का बेहद आपत्तिजनक डायलॉग चल रहा था— "जो डर गया समझो मर गया... एक हजार में हवलदार, 10 हजार में इंस्पेक्टर और एक लाख में पूरा थाना खरीदने वाला सौदागर हूं मैं।" इस वीडियो के जरिए खुद को सिस्टम से ऊपर दिखाने की कोशिश की गई थी, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए।
रील वायरल होते ही एक्शन मोड में पुलिस
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, नेटिजन्स ने यूपी पुलिस को टैग करना शुरू कर दिया। लोगों ने इसे सरेआम गुंडागर्दी और वर्दी का अपमान बताया। मामला बढ़ता देख पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने तत्काल संज्ञान लिया और एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में पता चला कि आरोपी दामा यादव पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहा है; वह पहले भी इस तरह के भड़काऊ वीडियो बना चुका है और उसके वाहनों को पूर्व में सीज भी किया जा चुका है। पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती मानते हुए खुद ही मामला (स्वतः संज्ञान) दर्ज कर लिया।
लाइसेंस रद्द करने की तैयारी और सख्त संदेश
ताजा कार्रवाई में जगदीशपुरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस सिर्फ मुकदमे पर ही नहीं रुकी, बल्कि अब आरोपी के ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए निरस्त करने के लिए आरटीओ को रिपोर्ट भेजी जा रही है। एसीपी गौरव सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने और पुलिस की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगरा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि रील की दुनिया की 'दबंगई' असल जिंदगी में भारी पड़ सकती है। फिलहाल, आरोपी पुलिस की रडार पर है और आगे की विधिक कार्रवाई तेजी से जारी है।




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