पारा 40 के पार, लू ने छीनी सड़कों की रौनक... सेहत और खेती पर दोहरा संकट
Fatehpur News - फतेहपुर में अप्रैल के दूसरे पखवारे में गर्मी ने तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। अस्पतालों में बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधान रहने की सलाह दी है।

फतेहपुर। अप्रैल के दूसरे पखवारे में गर्मी ने अब अपना असली तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर के समय धूप इतनी तीखी रही कि सड़कों पर आवाजाही कम हो गई। लोग छांव की तलाश में नजर आए। इस भीषण गर्मी का दोहरा संकट अब सेहत और खेती पर साफ दिखाई देने लगा है। एक तरफ जहां अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की कतारें लग रही हैं, वहीं दूसरी ओर तेज धूप से सब्जियों की फसलें झुलसने लगी हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की चेतावनी जारी की है। मौसम जानकारों के अनुसार, इन दिनों शुष्क और गर्म हवाएं चल रही हैं। इस कारण कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साफ आसमान और नमी की कमी के चलते सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे गर्मी अधिक महसूस हो रही है। आने वाले दिनों में तापमान में और एक से दो डिग्री तक वृद्धि की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। बदलते मौसम का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप से बचाव बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टरों ने बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को दोपहर 12 से तीन बजे तक घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। शनिवार को अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।ये बरतें सावधानियांमौसम विभाग के अनुसार, तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री तक अधिक चल रहा है। इस कारण लोगों को दिन के समय तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान से बचने के लिए अपनी जीवनशैली और खान-पान में कुछ जरूरी बदलाव करना बहुत आवश्यक है। इस दौरान पर्याप्त पानी पिएं, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, ताजे फलों का रस और ओआरएस के घोल का सेवन करें। खीरा, तरबूज, खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फल खाएं। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर निकले तो छाते, टोपी या चश्मे का प्रयोग करें।सब्जियों पर पड़ रहा असरकृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी सब्जियों की वृद्धि और गुणवत्ता पर नकारात्मक असर डालती है। तेज धूप और उच्च तापमान से पौधों में पानी की कमी हो जाती है, जिससे पत्तियां मुरझा जाती हैं और प्रकाश संश्लेषण की क्षमता घट जाती है। फल और फूल झड़ने लगते हैं, जिससे उत्पादन कम होता है। टमाटर, मिर्च, पत्तेदार सब्जियां जैसी फसलें जल्दी सूख सकती हैं। मिट्टी की नमी तेजी से खत्म होने से पौधों को पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में सिंचाई, मल्चिंग और छायादार जाल का उपयोग करके नुकसान को कम किया जा सकता है।
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