फरसा वाले बाबा को कोहरे के कारण ट्रक ने मारी थी टक्कर; गौ-तस्करी के दावों को मथुरा SSP ने किया खारिज
मथुरा में शनिवार तड़के गौ रक्षक फरसा वाले बाबा के नाम मशहूर चंद्रशेखर की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। वहीं, अब एसएसपी ने गौ तस्करी की बात को खारिज करते हुए इसे सड़क हादसा बताया है।

मथुरा में शनिवार तड़के गौ रक्षक फरसा वाले बाबा के नाम मशहूर चंद्रशेखर की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन जब देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं। वहीं, अब इसे लेकर एसएसपी ने बयान जारी किया है। उन्होंने गोतस्करी की बात को खारिज करते हुए इसे सड़क हादसा बताया है।
अपर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया, 'थाना कोसी में रात्रि लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच में चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा के द्वारा एक वाहन को संदिग्ध मान करके रोका गया था। उसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच में पाया गया कि जिस कंटेनर को रोका गया था, उसमें किराने का सामान लदा था, जबकि पीछे से आए ट्रक में तार (वायर) लदे हुए थे। उक्त ट्रक के चालक और परिचालक दोनों अलवर, राजस्थान के निवासी हैं।
हादसे में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ और चालक भी घायल हो गया, जिसका उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में इस घटना में गोतस्करी से जुड़ा कोई तथ्य सामने नहीं आया है। घटना के बाद कुछ लोग एकत्र होकर थाना छाता क्षेत्र में जाम लगाने और पथराव करने लगे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा आवश्यक बल प्रयोग कर जाम खुलवाया गया। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गौ तस्कर समझकर गाड़ी का कर रहे थे पीछा
जानकारी के मुताबिक फरसा वाले बाबा कथित तौर पर गौ तस्कर समझकर एक ट्रक का पीछा क रहे थे। तभी पीछे से आ रहे दूसरी गाड़ी ने उन्हें कुचल दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और विदेशी नागरिक भी फंस गए। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर बुलेट चलाईं। वहीं, गुस्साई भीड़ ने एडीएम प्रशासन, पुलिस अधिकारियों समेत कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग और इतने ही पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ लोगों का आरोप था कि पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा था, जिनमें से दो को छोड़ दिया गया।




साइन इन